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चंपावत जिले को मिले चार और वेंटिलेटर
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चंपावत। कोरोना के खतरों से निपटने के लिए चंपावत जिले को चार और वेंटिलेटर मिल गए हैं। रविवार को यह वेंटिलेटर यहां पहुंच गए। सीएमओ डॉ. आरपी खंडूरी ने बताया कि इनमेें दो वेंटिलेटर चंपावत जिला अस्पताल और दो लोहाघाट उप जिला अस्पताल को दिए जाएंगे। वेंटिलेटर मुख्य रूप से मरीज को सांस लेने में मदद करती है। इसके जरिये फेफड़ों में ऑक्सीजन पहुंचती है।
जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने बताया कि जिला अस्पताल के पास अब कुल चार वेंटिलेटर हो जाएंगे। इसी के साथ अब चंपावत में चार, लोहाघाट, टनकपुर में दो-दो वेंटिलेटर होने से मरीजों का इलाज आसान हो सकेगा। सीएमओ ने बताया कि वेंटिलेटर के साथ ही कोविड-19 से मुकाबला करने के लिए पीपीई किट सहित कई और जरूरी सामग्री मिल गई है।
इधर चंपावत जिला अस्पताल में सघन निगरानी यूनिट (आईसीयू) के लिए कक्ष निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है। कोरोना के खतरे के बीच जिला अस्पताल में वेंटिलेटर देने के साथ ही आईसीयू का काम भी शुरू कराया गया था। पीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि जिला अस्पताल में छह बेड वाला आईसीयू का निर्माण इस माह पूरा होने की उम्मीद है।
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जिला अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरके जोशी ने बताया कि जिला अस्पताल के पास अब कुल चार वेंटिलेटर हो जाएंगे। इसी के साथ अब चंपावत में चार, लोहाघाट, टनकपुर में दो-दो वेंटिलेटर होने से मरीजों का इलाज आसान हो सकेगा। सीएमओ ने बताया कि वेंटिलेटर के साथ ही कोविड-19 से मुकाबला करने के लिए पीपीई किट सहित कई और जरूरी सामग्री मिल गई है।
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इधर चंपावत जिला अस्पताल में सघन निगरानी यूनिट (आईसीयू) के लिए कक्ष निर्माण का काम भी तेजी से चल रहा है। कोरोना के खतरे के बीच जिला अस्पताल में वेंटिलेटर देने के साथ ही आईसीयू का काम भी शुरू कराया गया था। पीएमएस डॉ. आरके जोशी का कहना है कि जिला अस्पताल में छह बेड वाला आईसीयू का निर्माण इस माह पूरा होने की उम्मीद है।
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