Champawat: पूर्णागिरि मार्ग पर काल बनकर दौड़ते हैं वाहन, हादसे ने मेले की यातायात व्यवस्था पर किए सवाल खड़े
सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बाहरी जिलों से भी फोर्स मांगा गया लेकिन ज्यादातर फोर्स अब तक नहीं मिल पाया है जिसका असर मेले की सुरक्षा के साथ ही यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई पड़ रहा है। मेले के लिए बाहरी जिलों से यातायात के 17 कांस्टेबल मांगे गए थे जिनमें से केवल छह कांस्टेबल ही मिल पाए हैं
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पूर्णागिरि धाम में बृहस्पतिवार सुबह हुए हादसे ने मेले की यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। काल बनकर दौड़ रहे वाहनों की गति पर पुलिस, परिवहन और प्रशासन का कोई नियंत्रण नहीं है जिसके चलते पूर्णागिरि मार्ग पर हर वक्त हादसे का खतरा बना रहता है।
होली के अगले दिन नौ मार्च से शुरू हुए पूर्णागिरि मेले की प्रशासन ने तीन माह पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी थी। अन्य व्यवस्थाओं के साथ ही यातायात व्यवस्था का भी खाका खींचा गया। सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बाहरी जिलों से भी फोर्स मांगा गया लेकिन ज्यादातर फोर्स अब तक नहीं मिल पाया है जिसका असर मेले की सुरक्षा के साथ ही यातायात व्यवस्था पर भी दिखाई पड़ रहा है।
मेले के लिए बाहरी जिलों से यातायात के 17 कांस्टेबल मांगे गए थे जिनमें से केवल छह कांस्टेबल ही मिल पाए हैं। बता दें कि टनकपुर-पूर्णागिरि मार्ग पर दो सौ से ज्यादा टैक्सी जीपें और करीब दो दर्जन निजी बसें यात्री ढोने में लगी हैं लेकिन इन वाहनों में ओवर लोडिंग और उनकी गति पर न तो परिवहन विभाग का और न पुलिस का ही नियंत्रण दिख रहा है।
ठुलीगाड़-भैरव मंदिर मार्ग पर हादसे का खतरा
पूर्णागिरि धाम पर ठुलीगाड़ एवं भैरव मंदिर के बीच चल रहे टैक्सी वाहनों में भी ओवरलोडिंग और ओवर स्पीड दौड़ते वाहनों से दुर्घटना का खतरा बना है। बता दें कि इस मार्ग पर मेला प्रशासन की ओर से शुल्क लेकर टैक्सी वाहनों का संचालन कराया जा रहा है। आठ किमी लंबे इस मार्ग पर 90 से अधिक वाहन दौड़ रहे हैं जबकि इस रास्ते पर श्रद्धालु पैदल आवागमन करते हैं। संवाद
17 यातायात पुलिस कर्मी मांगे पर मिले महज छह
तीन महीने के पूर्णागिरि मेले में यातायात की व्यवस्था के लिए 17 पुलिस कर्मी मांगे गए थे लेकिन मिले महज छह। अब भी 11 यातायात कर्मियों की कमी है। इसी तरह बाहरी जिलों से 24 उपनिरीक्षकों के सापेक्ष सिर्फ एक, 80 हेड कांस्टेबलों के सापेक्ष 25 और 61 सिपाहियों के सापेक्ष 48 ही मिले हैं। 13 महिला दरोगा और तीन फायर टेंडर मांगे गए थे लेकिन कोई नहीं मिला। संवाद
वाहनों की नियमित रूप से चेकिंग की जा रही है। तीन दिन पहले ही ओवर लोडिंग में एक मैक्स वाहन का चालान किया गया है। चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और वाहनों के कागजातों को भी नियमित रूप से जांचा जा रहा है। -सुरेंद्र कुमार, एआरटीओ।
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मेले में पर्याप्त फोर्स तैनात है। बाहर से मांगा कुछ फोर्स नहीं मिल पाया है लेकिन इससे मेले की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर कोई असर नहीं है। नियमित रूप से वाहनों की चेकिंग की जा रही है। -अविनाश वर्मा, सीओ।