Uttarakhand: लक्ष्य सेन और चंदन सिंह को मिला खेल रत्न पुरस्कार, ये हुए द्रोणाचार्य अवॉर्ड से सम्मानित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्ष 2019-20 के लिए बैडमिंटन प्रशिक्षक धीरेन्द्र कुमार सेन को वर्ष 2020-21 के लिए ताईक्वांडो प्रशिक्षक कमलेश कुमार तिवारी और वर्ष 2021-22 के लिए तीरंदाजी प्रशिक्षक संदीप कुमार डुकलान को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन सहित छह खेल प्रतिभाओं को देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न, देवभूमि उत्तराखंड द्रोणाचार्य पुरस्कार और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार से पुरस्कृत किया। वहीं, वर्ष 2021 और 2022 के राष्ट्रीय स्तर के 168 पदक विजेता खिलाड़ियों व 42 प्रशिक्षकों को दो करोड़ से अधिक के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति का आदेश जल्द : आर्य
खेल मंत्री रेखा आर्य ने कहा, पदक विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्ति व चार प्रतिशत आरक्षण देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। आउट ऑफ टर्न नियुक्ति का आदेश होने से ओलंपिक में पदक विजेता खिलाड़ी सीधे डीएसपी बन सकेंगे, सहायक निदेशक बन सकेंगे। इस साल के अंत तक या फिर अगले साल तक इस पर कोई आदेश जारी हो जाएगा। अंतरराष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने पर पुरस्कार की धनराशि 30 से 100 प्रतिशत तक बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से नई खेल नीति बनाई गई है। नीति में पारंपरिक खेलों को भी शामिल किया गया है। हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय जल्द वजूद में आ जाएगा। खेल मंत्री ने कहा, अगले साल उत्तराखंड में 38 वें राष्ट्रीय खेल होना हमारे लिए गर्व की बात है।
इन्हें मिला पुरस्कार
देवभूमि उत्तराखण्ड खेल रत्न पुरस्कार- वर्ष 2019-20 के लिए बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन
- वर्ष 2020-21 के लिए एथलेटिक्स चन्दन सिंह
देवभूमि उत्तराखण्ड द्रोणाचार्य पुरस्कार
- वर्ष 2019-20 के लिए बैडमिंटन प्रशिक्षक धीरेन्द्र कुमार सेन
- वर्ष 2020-21 के लिए ताईक्वांडो प्रशिक्षक कमलेश कुमार तिवारी
- वर्ष 2021-22 के लिए तीरंदाजी प्रशिक्षक संदीप कुमार डुकलान
लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
- वर्ष 2021-22 का लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार सुरेश चन्द्र पांडे को एथलेटिक्स खेल में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा।
पिछले चार साल से नहीं मिल पाए थे पुरस्कार
खेल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य में कोविड एवं अन्य वजहों से पिछले चार वर्षों से खिलाड़ियों और खेल प्रशिक्षकों को पुरस्कृत नहीं किया जा सका था, लेकिन अब पुरस्कारों की घोषणा के बाद इन्हें पुरस्कृत किया जाएगा।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: किसाऊ बांध परियोजना से भविष्य में नौ गांवों के जलमग्न होने के आसार...डीएम ने नकारा, दिया ये तर्क
हिमालय पुत्र पुरस्कार के लिए अभी करना होगा इंतजार
द्रोणाचार्य, खेल रत्न एवं लाइफ टाइम अचीवमेंट अवाॅर्ड के लिए खिलाड़ियों एवं खेल प्रशिक्षकों का इंतजार खत्म होने जा रहा है, लेकिन हिमालय पुत्र पुरस्कार के लिए खिलाड़ियों को अभी इंतजार करना होगा। वर्ष 2022 में शासनादेश होने के बावजूद विभाग की ओर से अभी इसके लिए आवेदन नहीं मांगा गया है।