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सुबह आठ बजे बाद पंचेश्वर से लोहाघाट को नहीं मिलते वाहन
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लोहाघाट के पंचेश्वर टैक्सी स्टेंड में खड़ी टैक्सियां।
- फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। विकासखंड लोहाघाट के भारत-नेपाल सीमा को जोड़ने वाले लोहाघाट-पंचेश्वर मार्ग पर रोडवेज की बस का संचालन न होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पहले इस मार्ग पर रोडवेज बस का संचालन किया जाता था।
जिससे बजुर्गों, दिव्यांगों और छात्राओं को सरकार की ओर से बसों में दी जा रही निशुल्क यात्रा का लाभ मिलता था। इस रोडवेज बस सेवा से चंपावत, पिथौरागढ़ जिले के लोगों के अलावा काली नदी पार नेपाल के कई गांवों के लोग इससे लाभान्वित होते थे। पांच साल से यह बस सेवा बंद पड़ी है। इस मार्ग में करीब 15 टैक्सियों और दो मिनी बसों का संचालन होता है। लेकिन सुबह आठ बजे बाद पंचेश्वर से लोहाघाट आने के लिए वाहनों की कोई व्यवस्था नहीं होती है। लोगों को मोटी रकम देकर वाहन बुक कर लोहाघाट आने को मजबूर होना पड़ता है। पंचेश्वर में एसएसबी की कंपनी और सीडब्लूसी के कर्मचारी तैनात हैं। जिन्हें काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
देश-विदेश में प्रसिद्ध होने के बाद भी बस सेवा नहीं
पंचेश्वर में एशिया का सबसे बड़ा बांध प्रस्तावित है। यह एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल होने के कारण एंगलिंग के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसके बावजूद भी यहां रोडवेज की बस सेवा संचालित न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। -माधो सिंह अधिकारी, अध्यक्ष, गुमदेश विकास संघर्ष समिति।
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छात्राओं को नहीं मिल रहा है निशुल्क यात्रा का लाभ
सरकार की ओर से रोडवेज बसों में यात्रा करने के लिए स्कूली छात्राओं के लिए निशुल्क सुविधा की व्यवस्था की गई है। लेकिन इस सीमावर्ती क्षेत्र के लिए रोडवेज बस का संचालन न होने से छात्राओं को निशुल्क यात्रा का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।- रविंद्र पाटनी, ग्रामीण।
सीमित वाहनों का संचालन होने से दिक्कतें
पंचेश्वर मार्ग में रोडवेज बस सेवा संचालित न होने से लोगों को काफी परेशानियां हो रही हैं। इस मार्ग में सीमित वाहनों का संचालन होने से लोग वाहनों के लिए परेशान रहते हैं। -जगदीश सिंह, ग्राम प्रधान, सेल।
लोगों को नहीं मिल पा रहा है लाभ
सरकार की ओर से 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, दिव्यांगों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है। लेकिन पंचेश्वर मार्ग में रोडवेज बसें न चलने से इसका लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। -गोविंद राम, ग्रामीण।
अनावश्यक रूप से पड़ता है आर्थिक बोझ
पंचेश्वर में लोहाघाट आने के लिए सुबह आठ बजे बाद कोई वाहन नहीं मिल पाता है। लोगों को मजबूरन ऊंचे दामों में टैक्सियों को बुक कर लाना पड़ता है। जिससे उनके उपर अनावश्यक रूप से आर्थिक बोझ पड़ता है। -जगदीश सिंह, ग्राम प्रधान, सनकाफल।
रोडवेज बस चले तो बढ़े पर्यटकों की आवाजाही
पंचेश्वर से होते हुए चंपावत, पिथौरागढ़ और नेपाल के कई गांवों के लोग गुजरते हैं। जिनके लिए रोडवेज बस की सुविधा नितांत आवश्यक है। रोडवेज बस सेवा संचालित होने से यहां पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ेगी। -ओंकार धौनी, छात्र नेता।
सड़क से लगे गांवों को कोई लाभ नहीं
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट-पंचेश्वर मार्ग से लगे चंपावत जिले के किमतोली, गरेली, नौलिया, ढीक, कोटला, बमनकुडा, मौड़ा, पोखरी, हरखेड़ा, नरसों, लुपड़ा, अघोड़ा, पंचेश्वर, पंथ्यूड़ा, पिथौरागढ़ जिले के सेल, तडेमियां, रौतगड़ा, भौंरा, तरागड़ा, नेपाल के सल्ला, धामकुड़ी, स्यूंनाथ, मटेला, अमलाड़, बास्को, कूंण के लोगों को रोडवेज बस सेवा का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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जिससे बजुर्गों, दिव्यांगों और छात्राओं को सरकार की ओर से बसों में दी जा रही निशुल्क यात्रा का लाभ मिलता था। इस रोडवेज बस सेवा से चंपावत, पिथौरागढ़ जिले के लोगों के अलावा काली नदी पार नेपाल के कई गांवों के लोग इससे लाभान्वित होते थे। पांच साल से यह बस सेवा बंद पड़ी है। इस मार्ग में करीब 15 टैक्सियों और दो मिनी बसों का संचालन होता है। लेकिन सुबह आठ बजे बाद पंचेश्वर से लोहाघाट आने के लिए वाहनों की कोई व्यवस्था नहीं होती है। लोगों को मोटी रकम देकर वाहन बुक कर लोहाघाट आने को मजबूर होना पड़ता है। पंचेश्वर में एसएसबी की कंपनी और सीडब्लूसी के कर्मचारी तैनात हैं। जिन्हें काफी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
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देश-विदेश में प्रसिद्ध होने के बाद भी बस सेवा नहीं
पंचेश्वर में एशिया का सबसे बड़ा बांध प्रस्तावित है। यह एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल होने के कारण एंगलिंग के लिए देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसके बावजूद भी यहां रोडवेज की बस सेवा संचालित न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। -माधो सिंह अधिकारी, अध्यक्ष, गुमदेश विकास संघर्ष समिति।
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छात्राओं को नहीं मिल रहा है निशुल्क यात्रा का लाभ
सरकार की ओर से रोडवेज बसों में यात्रा करने के लिए स्कूली छात्राओं के लिए निशुल्क सुविधा की व्यवस्था की गई है। लेकिन इस सीमावर्ती क्षेत्र के लिए रोडवेज बस का संचालन न होने से छात्राओं को निशुल्क यात्रा का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।- रविंद्र पाटनी, ग्रामीण।
सीमित वाहनों का संचालन होने से दिक्कतें
पंचेश्वर मार्ग में रोडवेज बस सेवा संचालित न होने से लोगों को काफी परेशानियां हो रही हैं। इस मार्ग में सीमित वाहनों का संचालन होने से लोग वाहनों के लिए परेशान रहते हैं। -जगदीश सिंह, ग्राम प्रधान, सेल।
लोगों को नहीं मिल पा रहा है लाभ
सरकार की ओर से 65 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों, दिव्यांगों के लिए रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा दी गई है। लेकिन पंचेश्वर मार्ग में रोडवेज बसें न चलने से इसका लोगों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। -गोविंद राम, ग्रामीण।
अनावश्यक रूप से पड़ता है आर्थिक बोझ
पंचेश्वर में लोहाघाट आने के लिए सुबह आठ बजे बाद कोई वाहन नहीं मिल पाता है। लोगों को मजबूरन ऊंचे दामों में टैक्सियों को बुक कर लाना पड़ता है। जिससे उनके उपर अनावश्यक रूप से आर्थिक बोझ पड़ता है। -जगदीश सिंह, ग्राम प्रधान, सनकाफल।
रोडवेज बस चले तो बढ़े पर्यटकों की आवाजाही
पंचेश्वर से होते हुए चंपावत, पिथौरागढ़ और नेपाल के कई गांवों के लोग गुजरते हैं। जिनके लिए रोडवेज बस की सुविधा नितांत आवश्यक है। रोडवेज बस सेवा संचालित होने से यहां पर्यटकों की आवाजाही भी बढ़ेगी। -ओंकार धौनी, छात्र नेता।
सड़क से लगे गांवों को कोई लाभ नहीं
लोहाघाट (चंपावत)। लोहाघाट-पंचेश्वर मार्ग से लगे चंपावत जिले के किमतोली, गरेली, नौलिया, ढीक, कोटला, बमनकुडा, मौड़ा, पोखरी, हरखेड़ा, नरसों, लुपड़ा, अघोड़ा, पंचेश्वर, पंथ्यूड़ा, पिथौरागढ़ जिले के सेल, तडेमियां, रौतगड़ा, भौंरा, तरागड़ा, नेपाल के सल्ला, धामकुड़ी, स्यूंनाथ, मटेला, अमलाड़, बास्को, कूंण के लोगों को रोडवेज बस सेवा का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।