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देर-सबेर यूपी सौंपेगा उत्तराखंड को कुछ भूमि
विनोद काला/अमर उजाला, बनबसा
Updated Sun, 27 Dec 2015 10:12 PM IST
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अपने अधिकार वाली कुछ भूमि यूपी सिंचाई विभाग देर-सबेर उत्तराखंड को लौटाने पर राजी हो गया है। इसके लिए जल्द ही दोनों राज्यों की संयुक्त कमेटी भूमि का सर्वेक्षण करेगी। यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों की व्यस्तता के चलते 21 दिसंबर को होने वाला संयुक्त सर्वे नहीं हो पाया। भूमि उत्तराखंड को मिलने से यहां प्रस्तावित कई निर्माण योजनाओं का रास्ता साफ हो जाएगा।
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ऊधमसिंह नगर जिले में यूपी सिंचाई विभाग ने नानकसागर और बैगुल में करीब 976 हेक्टेयर भूमि उत्तराखंड को देना मंजूर किया है। इसके लिए दोनों राज्यों के सिंचाई विभाग के अधिकारियों का ज्वाइंट सर्वे किया जा चुका है। फिलहाल चंपावत जिले में अब तक यूपी सिंचाई विभाग ने राज्य की भूमि वापस करने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है। बता दें कि चंपावत जिले में बनबसा में ही राज्य की 1524.83 हेक्टेयर भूमि जिसमें बैराज और आवासीय परिसर में 93.83, नहर में प्रयुक्त 521.21, वन और बागों में 909.75 हेक्टेयर पर शारदा हेडवर्क्स (यूपी सिंचाई विभाग) का कब्जा है।
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ऊधमसिंह नगर जिले में नहर में प्रयुक्त 685.5 हेक्टेयर भूमि भी शारदा हेडवर्क्स के पास ही है। शारदा हेडवर्क्स के एसडीओ बीएस यादव ने बताया कि बनबसा में यूपी सिंचाई विभाग द्वारा भूमि स्थानांतरण का कोई निर्णय नहीं लिया गया है। किसी कारण अधिकारियों के नहीं पहुंचने से 21 दिसंबर को होने वाला ज्वाइंट सर्वे टल गया है। फिलहाल खाली पड़ी जमीन ही उत्तराखंड को दी जाएगी। बैराज और नहर यूपी सिंचाई विभाग के ही पास रहेंगे।
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भूमि मिलने से विकास योजनाओं का होगा रास्ता साफ
वर्ष 2006 में शारदा हेडवर्क्स के तत्कालीन एसडीओ एमएल सचान ने यूपी सिंचाई विभाग को 150 हेक्टेयर भूमि देने का प्रस्ताव भेजा था, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी। बता दें कि यूपी सिंचाई के अधिकार वाली भूमि में कुछ भूमि उत्तराखंड को सौंपने पर सहमति बनती है तो यहां विभिन्न विभागों और संस्थाओं के भवन निर्माण संभव होंगे। साथ ही बस अड्डा, थाना भवन निर्माण का रास्ता साफ होगा।