{"_id":"5ab68f1b4f1c1bc1758b73f5","slug":"two-buildings-coming-in-the-jais","type":"story","status":"publish","title_hn":"नहीं टूटेंगे बाइपास की जद में आ रहे दो भवन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नहीं टूटेंगे बाइपास की जद में आ रहे दो भवन
अमर उजाला ब्यूराे लोहाघाट (चंपावत)।
Updated Sat, 24 Mar 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
लाेगाें से बातचीत करती एसडीएम
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बारहमासी सड़क के लिए देवराड़ी बैंड से राइकोट के समीप पेट्रोल पंप तक प्रस्तावित बाइपास के निर्माण के लिए राजस्व और एनएच खंड की टीम ने राइकोट कुंवर गांव में जाकर लोगों द्वारा की गई आपत्तियों को सुना। टीम में क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने ग्रामीणों को बाइपास की जद में आने वाले राइकोट गांव के दो भवनों को बचाने का आश्वासन दिया। बताया कि दो भवनों के बीच से अब 24 मीटर के स्थान पर 17 मीटर चौड़ी सड़क बनेगी।
इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष बाइपास निर्माण विरोध जताया। शनिवार को चंपावत की एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, एनएच खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला, एई वीके सिन्हा, अभियंता आशीष, अमीन रामी राम और पटवारी राजेंद्र राम ने सड़क निर्माण को लेकर दर्ज की गई आपत्तियों को सुना। लोगों ने अधिकारियों के आते ही बाइपास निर्माण के प्रस्ताव पर विरोध दर्ज करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क बनने से उनके पुश्तैनी खेतीहर जमीन नष्ट हो जाएगी। ग्रामीणों का कहना था कि बाइपास बनाना ही है तो इसका निर्माण राइकोट गांव से न कर जीआईसी के समीप दम्मुठोक से एनएच कार्यालय तक सीधे किया जाए।
एसडीएम ने बताया कि बाइपास के लिए तीन बार सर्वे हो चुका है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। इस मौके पर ग्राम प्रधान हेमा देवी, प्रहलाद सिंह मेहता, गिरीश कुंवर, लक्ष्मण सिंह, सुनील कुमार, राजेश कुंवर, राजेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, चंचल सिंह, संजय सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस दौरान ग्रामीणों ने अधिकारियों के समक्ष बाइपास निर्माण विरोध जताया। शनिवार को चंपावत की एसडीएम सीमा विश्वकर्मा, एनएच खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला, एई वीके सिन्हा, अभियंता आशीष, अमीन रामी राम और पटवारी राजेंद्र राम ने सड़क निर्माण को लेकर दर्ज की गई आपत्तियों को सुना। लोगों ने अधिकारियों के आते ही बाइपास निर्माण के प्रस्ताव पर विरोध दर्ज करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क बनने से उनके पुश्तैनी खेतीहर जमीन नष्ट हो जाएगी। ग्रामीणों का कहना था कि बाइपास बनाना ही है तो इसका निर्माण राइकोट गांव से न कर जीआईसी के समीप दम्मुठोक से एनएच कार्यालय तक सीधे किया जाए।
विज्ञापन
एसडीएम ने बताया कि बाइपास के लिए तीन बार सर्वे हो चुका है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी। इस मौके पर ग्राम प्रधान हेमा देवी, प्रहलाद सिंह मेहता, गिरीश कुंवर, लक्ष्मण सिंह, सुनील कुमार, राजेश कुंवर, राजेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, चंचल सिंह, संजय सिंह आदि मौजूद थे।
विज्ञापन