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टिप्पर पर गिरा पेड़, बड़ा हादसा होने से बाल बाल बचा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jul 2021 11:54 PM IST
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Tree fell on the tipper, narrowly saved due to a major accident
लोहाघाट (चंपावत)। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर पेट्रोल पंप के पास अचानक एक पेड़ टिप्पर और बिजली के लाइन पर आ गिरा। पेड़ का ज्यादातर भार बिजली की लाइन पर आ जाने से बड़ा हादसा होने से बच गया। कुछ दिन पूर्व टैक्सी यूनियन ने इस पेड़ को निस्तारित करने की मांग उठाई की थी।
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पेट्रोल पंप के समीप खड़ा यह पेड़ रविवार को दोपहर में अचानक गिर गया। लोहाघाट से टनकपुर जा रहा एक टिप्पर भी इस पेड़ की चपेट में आ गया। टिप्पर में चालक के अलावा एक अन्य व्यक्ति सवार था। एकाएक पेड़ के टिप्पर पर गिरने से मौके पर अफरातफरी मच गई। पेड़ का ज्यादातर वहां स्थित बिजली की लाइन पर आ जाने से बड़ा हादसा होने से बच गया। टिप्पर में सवार चालक समेत दोनों लोग सुरक्षित बच गए। पेड़ से टिप्पर की बॉडी को कुछ नुकसान हुआ है। इस घटना के चलते करीब 15 मिनट तक एचएच पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही। अग्निशमन इकाई के लीडिंग फायरमैन मोहन सिंह थापा के नेतृत्व में मौके पर पहुंची टीम ने पेड़ का निस्तारण किया। अग्रिशमन टीम में राजेश खर्कवाल, भूपेंद्र सिंह, शहबाज अली, भरत बोरा आदि शामिल थे।
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पेड़ की चपेट में आने से दो साल पहले दो महिलाओं की हो चुकी है मौत
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारहमासी सड़क की कटिंग के दौरान पेड़ कई बार जानलेवा भी साबित हुए हैं। 24 फरवरी 2019 को चंपावत-लोहाघाट के बीच तिलौन के पास कार पर पेड़ गिरने से दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई थी।
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एनएच पर टनकपुर से घाट के बीच खतरा बने हैं 177 पेड़
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन बारहमासी सड़क की कटिंग का काम 98 प्रतिशत पूरा हो चुका है। लेकिन इसके बावजूद इस सड़क पर खतरे कम नहीं है। एनएच पर कई जगह पेड़ अभी भी लटके हुए हैं। खुद राष्ट्रीय राजमार्ग खंड ने खतरनाक बने 177 पेड़ों की सूची वन विभाग और प्रशासन को दी है। लेकिन इनका अभी तक निस्तारण नहीं हो सका है।

राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारहमासी सड़क की कटिंग के दौरान नौ हजार से अधिक पेड़ जमींदोज हुए। लेकिन सड़क कटिंग के चलते हो रहे भूस्खलन से अब भी कई पेड़ ऐसे हैं, जो खतरनाक बने हैं। जड़े खोखली होने से ये पेड़ कभी भी धराशायी हो सकते हैं। एनएच खंड के ईई एलडी मथेला का कहना है कि टनकपुर से घाट के बीच पहाड़ी पर लटके या खतरा बने 177 पेड़ों को चिह्नित कर प्रशासन और वन विभाग को निस्तारित करने का आग्रह किया गया है। लेकिन अभी इसका निस्तारण नहीं हो सका है। इधर एडीएम टीएस मर्तोलिया का कहना है कि खतरे वाले पेड़ों के निस्तारण करने के लिए वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही ये पेड़ काट लिए जाएंगे। (संवाद)
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