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Champawat News: पांव से छिलका निकाले बगैर हो गया इलाज

Sat, 10 Jun 2023 10:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Sat, 10 Jun 2023 10:29 PM IST
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Treatment was done without peeling off the feet
चंपावत के एक निजी अस्पताल में भर्ती ममता देवी। संवाद
चंपावत। पांच किमी दूर ललुवापानी के पास नघान गांव की 45 साल की ममता बिनवाल के पांव का इलाज लकड़ी का छिलका निकाले बगैर कर दिया गया। यह आरोप महिला के बेटे पवन बिनवाल ने लगाया। जिला अस्पताल के डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पीएमएस से डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। पीएमएस से हुई वार्ता के किसी नतीजे पर नहीं पहुंचने पर दो घंटे तक बवाल हुआ। बाद में सीएमओ, एसडीएम और सीओ ने मौके पर पहुंच कर स्थिति को काबू में किया। ज्ञापन के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच कराने के आश्वासन पर विवाद शांत हुआ।
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चंपावत डिग्री कॉलेज छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष महर और पवन बिनवाल के नेतृत्व में शनिवार को डीएच पहुंचे युवाओं ने तीन जून को चोटिल महिला के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। पीएमएस डॉ. एचएस ऐरी और अन्य चिकित्सकों से वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। पीएमएस ने अस्पताल पर लग रहे आरोपों को खारिज किया। बवाल के अंदेशे के बीच सीओ बीसी पंत और कोतवाल योगेश उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस टीम अस्पताल पहुंची। सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल, एसडीएम रिंकू बिष्ट और तहसीलदार ज्योति धपवाल ने मौके पर पहुंच युवाओं को समझाया। एसडीएम और सीएमओ को ज्ञापन दे युवाओं ने लापरवाह डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की। जांच के आश्वासन पर विरोध कर रहे युवा मान गए। विरोध करने वालों में मनोज बिनवाल, अर्पित कुंवर, मुकेश महर, कमल बिनवाल, मनोज ऐरी, रवींद्र चौधरी, अमित रैंसवाल, शेखर, मौनी चौहान आदि शामिल थे।
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ये है मामला:
पवन बिनवाल के मुताबिक मां ममता बिनवाल (45) तीन जून को नघान गांव में फिसलने से चोटिल हो गई थी। तीन जून की शाम उन्हें जिला अस्पताल लाया गया। पांव में चोट लगने पर आपात सेवा में एक टांका लगाया गया और पांच दिन बाद आने को कहा गया। एक दिन बाद से ही पांव में सूजन आने लगी तो एक निजी अस्पताल को दिखाया गया। अस्पताल ने एक्सरे कराने की सलाह दी। एक्सरे में पांव के भीतर दो इंच से लंबा छिलका मिला। नौ जून को निजी अस्पताल में ऑपरेशन कर छिलका निकाला गया। जिस पर अब तक 20 हजार रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। आरोप लगाया गया कि तीन जून को डीएच में पांव का परीक्षण किए बगैर टांका लगाने से ये नौबत आई।
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कोट
महिला के पांव में लगी चोट के इलाज पर डीएच पर लगे लापरवाही के आरोपों की जांच कराई जा रही है। इसके लिए तहसीलदार ज्योति धपवाल, एसीएमओ डॉ. इंद्रजीत पांडेय, सर्जन डॉ. हिमांशु पांडेय की तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। समिति एक सप्ताह में जांच पूरी करेगी।

डॉ. केेके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
बाक्स
तीन माह में लापरवाही का तीसरा आरोप लगा
चंपावत। जिला अस्पताल पर लापरवाही के पहले भी आरोप लग चुके हैं। अप्रैल से अब तक ये तीसरा मामला है। इससे पूर्व के दोनों मामलों में अस्पताल को क्लीन चिट मिल चुकी है। 7 अप्रैल को चंपावत जेएनवी की एक छात्रा के परिजनों ने लापरवाही से छात्रा की मौत का आरोप लगाया था। 25 अप्रैल को लोाहघाट के पाटन पाटनी गांव की गर्भवती महिला की मौत के मामले में लापरवाही का आरोप लगा था।
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