चंपावत। जिला सभागार में सार्वजनिक सेवा वितरण में सुधार लाने, सुशासन, नागरिक केंद्रित प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए दो दिनी प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। इसमें हाल ही में सरकारी सेवा में भर्ती हुए कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण में सुशासन के लिए लक्ष्य निर्धारित कर कार्य करने पर जोर दिया गया। व्यक्तिगत, संगठनात्मक मूल्य, समय प्रबंधन, तनाव प्रबंधन, नेतृत्व, टीम वर्क, लोगों की परेशानियों को दूर करने और निर्णय लेने की क्षमता संबंधी जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनर डायट प्रवक्ता लता आर्या ने कहा कि ई-लर्निंग के लिए निर्धारित 15 ई-मॉड्यूल को पूरा करने वाले कर्मचारियों को कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के माध्यम से प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। इस दौरान प्रतिभागियों को डीओपीटी की वेबसाइट पर लॉग इन करने के लिए आईडी और पासवर्ड भी जारी किए गए। मास्टर ट्रेनर ने कहा कि प्रेरण प्रशिक्षण कार्यक्रम को छह राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है, जिसमें महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, हरियाणा शामिल हैं। अब उत्तराखंड राज्य में भी सभी कर्मचारियों को सुशासन के लिए प्रेरक प्रशिक्षण शुरू किया गया है। एडीएम शिवचरण द्विवेदी की अध्यक्षता में सहायक परियोजना निदेशक विम्मी जोशी ने संचालन किया।