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Champawat News: व्यापारियों ने वैकल्पिक मोटर मार्ग बनाने की उठाई मांग
Tue, 09 Sep 2025 10:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Tue, 09 Sep 2025 10:46 PM IST
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वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की मांग को लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपते व्या
चंपावत/लोहाघाट। आपदा में टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग के बार-बार बाधित होने से हो रही दिक्कतों पर व्यापारियों ने चिंता जताई है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने डीएम मनीष कुमार को ज्ञापन देकर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की मांग की है।
व्यापारियों ने कहा कि ऑलवेदर रोड होने के बावजूद एनएच खासकर वर्षाकाल में महीनों तक बाधित रहता है। इससे जनसामान्य को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और आपातकालीन स्थिति में जनहानि का खतरा बना रहता है। साथ ही व्यापारियों को आवश्यक सामग्री की आपूर्ति में परेशानी होती है। हल्द्वानी मार्ग से सामग्री मंगाने पर लागत बढ़ जाती है जिसका बोझ आम जनता पर पड़ता है।
व्यापारियों ने कहा कि धौन-दियूरी मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में समय रहते तैयार किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में असुविधा से बचा जा सके। इसके अतिरिक्त डेंजर जोन में बैली ब्रिज के निर्माण की भी मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष जुकरिया, उपाध्यक्ष दिनेश सुतेड़ी, कोषाध्यक्ष टीका देव खर्कवाल, महामंत्री विवेक ओली, जिला उपाध्यक्ष कीर्ति बगौली, पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल माहरा, सतीश खर्कवाल, पंकज वर्मा, अमित शाह आदि थे।
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मुनस्यारी-मिलम सड़क को बीआरओ से हटाकर अन्य एजेंसी को देने की मांग
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मल्ला जोहार विकास समिति ने मुनस्यारी-मिलम सड़क को बीआरओ से हटाकर अन्य एजेंसी को देने की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम वैभव कांडपाल को सौंपा। उन्होंने कहा कि 13 साल बाद भी बीआरओ सड़क का निर्माण नहीं कर सका है।
मल्ला विकास जोहार समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मसक्तू के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2012 में चीन सीमा के साथ मल्ला जोहार के 12 से अधिक गांवों को जोड़ने के लिए मुनस्यारी-मिलम सड़क का निर्माण शुरू हुआ। कई बार बीआरओ ने इसके निर्माण के लिए समय मांगा लेकिन आज तक यह अस्तित्व में नहीं आ सकी है। बीआरओ की लेटलतीफी से सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
लोगों का कहना है कि बेतरतीब ढंग से काटी गई इस सड़क पर आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है। बुगडियार, रिलकोट और बिल्जू में पुल का निर्माण भी नहीं किया गया है। इस सड़क के जल्द निर्माण के लिए इसकी जिम्मेदारी बीआरओ से छीनकर अन्य एजेंसी को दी जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में देवेंद्र सिंह धर्मसक्तू, लोकबहादुर सिंह, दिग्विजय रावत, राजू बृजवाल, लक्ष्मण बृजवाल, गणेश राम, शंकर सिंह धर्मसक्तू आदि शामिल रहे। संवाद
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पोथ सड़क को खर्राटाक होकर जौलजीबी सड़क से जोड़ने की मांग
टनकपुर (चंपावत)। दूरस्थ गांव कालीगूंठ के ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर पोथ सड़क को कोटकेंद्री होकर सेलागाड़ और खर्राटाक से टनकपुर-जौलजीबी सड़क से जोड़ने की मांग की है। मंगलवार को प्रधान पंकज तिवारी के नेतृत्व ने सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि आजादी के इतने साल बाद भी ग्राम सभा के कोटकेंद्री, खर्राटाक और कोलीकुलाड़ी गांव सड़क से वंचित है। ऐसे में ग्रामीणों को करीब पांच से 10 किमी पैदल चलना पड़ता है। किसी व्यक्ति के बीमार होने पर डोली का ही सहारा रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि मां पूर्णागिरि का मेला भी इसी क्षेत्र में लगता है। गांव में एक ही सड़क होने से दर्शनार्थियों को भी आने-जाने में दिक्कत होती है। इस पोथ सड़क को खर्राटाक होकर जौलजीबी सड़क से जोड़ने से इसका वैकल्पिक रूप में भी प्रयोग हो सकेगा और मेला क्षेत्र में जाम से भी बचा जा सकेगा। ज्ञापन देने वालों में मनोज तिवारी,महेश तिवारी समेत अनेक ग्रामीण शामिल रहे। संवाद
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व्यापारियों ने कहा कि ऑलवेदर रोड होने के बावजूद एनएच खासकर वर्षाकाल में महीनों तक बाधित रहता है। इससे जनसामान्य को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और आपातकालीन स्थिति में जनहानि का खतरा बना रहता है। साथ ही व्यापारियों को आवश्यक सामग्री की आपूर्ति में परेशानी होती है। हल्द्वानी मार्ग से सामग्री मंगाने पर लागत बढ़ जाती है जिसका बोझ आम जनता पर पड़ता है।
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व्यापारियों ने कहा कि धौन-दियूरी मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में समय रहते तैयार किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में असुविधा से बचा जा सके। इसके अतिरिक्त डेंजर जोन में बैली ब्रिज के निर्माण की भी मांग की गई है। ज्ञापन सौंपने वालों में व्यापार मंडल अध्यक्ष मनीष जुकरिया, उपाध्यक्ष दिनेश सुतेड़ी, कोषाध्यक्ष टीका देव खर्कवाल, महामंत्री विवेक ओली, जिला उपाध्यक्ष कीर्ति बगौली, पालिकाध्यक्ष गोविंद वर्मा, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष निर्मल माहरा, सतीश खर्कवाल, पंकज वर्मा, अमित शाह आदि थे।
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मुनस्यारी-मिलम सड़क को बीआरओ से हटाकर अन्य एजेंसी को देने की मांग
मुनस्यारी (पिथौरागढ़)। मल्ला जोहार विकास समिति ने मुनस्यारी-मिलम सड़क को बीआरओ से हटाकर अन्य एजेंसी को देने की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम वैभव कांडपाल को सौंपा। उन्होंने कहा कि 13 साल बाद भी बीआरओ सड़क का निर्माण नहीं कर सका है।
मल्ला विकास जोहार समिति के अध्यक्ष श्रीराम सिंह धर्मसक्तू के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2012 में चीन सीमा के साथ मल्ला जोहार के 12 से अधिक गांवों को जोड़ने के लिए मुनस्यारी-मिलम सड़क का निर्माण शुरू हुआ। कई बार बीआरओ ने इसके निर्माण के लिए समय मांगा लेकिन आज तक यह अस्तित्व में नहीं आ सकी है। बीआरओ की लेटलतीफी से सड़क का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
लोगों का कहना है कि बेतरतीब ढंग से काटी गई इस सड़क पर आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है। बुगडियार, रिलकोट और बिल्जू में पुल का निर्माण भी नहीं किया गया है। इस सड़क के जल्द निर्माण के लिए इसकी जिम्मेदारी बीआरओ से छीनकर अन्य एजेंसी को दी जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में देवेंद्र सिंह धर्मसक्तू, लोकबहादुर सिंह, दिग्विजय रावत, राजू बृजवाल, लक्ष्मण बृजवाल, गणेश राम, शंकर सिंह धर्मसक्तू आदि शामिल रहे। संवाद
पोथ सड़क को खर्राटाक होकर जौलजीबी सड़क से जोड़ने की मांग
टनकपुर (चंपावत)। दूरस्थ गांव कालीगूंठ के ग्रामीणों ने सीएम कैंप कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर पोथ सड़क को कोटकेंद्री होकर सेलागाड़ और खर्राटाक से टनकपुर-जौलजीबी सड़क से जोड़ने की मांग की है। मंगलवार को प्रधान पंकज तिवारी के नेतृत्व ने सौंपे गए ज्ञापन में ग्रामीणों ने कहा है कि आजादी के इतने साल बाद भी ग्राम सभा के कोटकेंद्री, खर्राटाक और कोलीकुलाड़ी गांव सड़क से वंचित है। ऐसे में ग्रामीणों को करीब पांच से 10 किमी पैदल चलना पड़ता है। किसी व्यक्ति के बीमार होने पर डोली का ही सहारा रहता है। ग्रामीणों ने कहा कि मां पूर्णागिरि का मेला भी इसी क्षेत्र में लगता है। गांव में एक ही सड़क होने से दर्शनार्थियों को भी आने-जाने में दिक्कत होती है। इस पोथ सड़क को खर्राटाक होकर जौलजीबी सड़क से जोड़ने से इसका वैकल्पिक रूप में भी प्रयोग हो सकेगा और मेला क्षेत्र में जाम से भी बचा जा सकेगा। ज्ञापन देने वालों में मनोज तिवारी,महेश तिवारी समेत अनेक ग्रामीण शामिल रहे। संवाद