भगवान की सेवा के लिए मिला है शरीर
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श्रीराम धाम छतार में भागवत पुराण कथा का आयोजन जारी है। सोमवार को छठे दिन चित्रकूट से पधारे संत सीतारमण दास ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मानव शरीर भगवान की सेवा के लिए मिला है। सिर से भगवान को प्रणाम, नेत्रों से भगवान का दर्शन, कानों से भागवत कथा सुनने, हाथों से भगवान की सेवा और पैरों से भगवान के धाम की यात्रा करने वाले व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। जिस घर में नित्य प्रति पूजन और शंख ध्वनि की जाती है। वहां भगवान स्वयं निवास करते हैं। इस मौके पर तीर्थराज प्रयाग से आए सत्यव्रत तिवारी, लखनऊ से आए गिरीश सती, पिथौरागढ़ मुक्तेश्वरधाम के महंत रमेश दास, मुख्य यजमान जीवन बिष्ट, कैलाश उप्रेती, ललित मोहन बोहरा, लोकमणी पंत, रमेश उप्रेती, सोहन सिंह, एमआर तिवारी, निर्मला देवी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।