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त्रिस्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों ने कलक्ट्रेट में किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Thu, 08 Jun 2017 10:19 PM IST
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कलक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते पंचायत प्रतिनिधि
- फोटो : अमर उजाला
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नेपाल सीमा से लगे गुमदेश क्षेत्र को अलग विकासखंड बनाए जाने की मांग को लेकर पंचायत प्रतिनिधि लामबंद हो गए हैं। बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पहुंचे पंचायत प्रतिनिधियों ने अलग विकासखंड की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया साथ ही डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
लोहाघाट के ब्लाक प्रमुख योगेश मेहता की अगुवाई में जिला मुख्यालय पहुंचे जनप्रतिनिधियों का कहना था कि चंपावत जिले के गठन के समय से ही गुमदेश को अलग विकासखंड बनाए जाने की मांग उठाई जाती रही है। सीमावर्ती क्षेत्र की 44 ग्राम पंचायतों एवं 23 क्षेत्र पंचायतों के ग्रामीण अलग विकासखंड को लेकर संघर्षरत हैं। प्रस्तावित विकासखंड में 12 पट्टी पटवारी क्षेत्र और 97 राजस्व गांव शामिल हैं। उनका कहना था कि क्षेत्रीय संतुलन और विकास के लिए गुमदेश को अलग विकासखंड बनाया जाना बेहद जरूरी है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से सीमांत क्षेत्र के सामरिक महत्व और विकास को देखते हुए गुमदेश विकासखंड का प्रस्ताव अपने स्तर से केंद्रीय शासन को प्रेषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह, कलावती देवी, किशन राम, विमला देवी, उर्मिला देवी, कौशल्या देवी, देवी चंद्र, गंगा देवी, लक्ष्मी देवी, सावित्री देवी, ईश्वर राम, मनी देवी, राधा देवी, बीडीसी सदस्य पुष्कर राम, ममता कलौनी, सुनीता देवी, लक्ष्मी देवी, शांति देवी, गंगा गिरि गोस्वामी, लाल सिंह, हीरा बल्लभ जोशी आदि शामिल रहे।
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लोहाघाट के ब्लाक प्रमुख योगेश मेहता की अगुवाई में जिला मुख्यालय पहुंचे जनप्रतिनिधियों का कहना था कि चंपावत जिले के गठन के समय से ही गुमदेश को अलग विकासखंड बनाए जाने की मांग उठाई जाती रही है। सीमावर्ती क्षेत्र की 44 ग्राम पंचायतों एवं 23 क्षेत्र पंचायतों के ग्रामीण अलग विकासखंड को लेकर संघर्षरत हैं। प्रस्तावित विकासखंड में 12 पट्टी पटवारी क्षेत्र और 97 राजस्व गांव शामिल हैं। उनका कहना था कि क्षेत्रीय संतुलन और विकास के लिए गुमदेश को अलग विकासखंड बनाया जाना बेहद जरूरी है।
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ज्ञापन में मुख्यमंत्री से सीमांत क्षेत्र के सामरिक महत्व और विकास को देखते हुए गुमदेश विकासखंड का प्रस्ताव अपने स्तर से केंद्रीय शासन को प्रेषित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। प्रदर्शन करने वालों में ग्राम प्रधान महेंद्र सिंह, कलावती देवी, किशन राम, विमला देवी, उर्मिला देवी, कौशल्या देवी, देवी चंद्र, गंगा देवी, लक्ष्मी देवी, सावित्री देवी, ईश्वर राम, मनी देवी, राधा देवी, बीडीसी सदस्य पुष्कर राम, ममता कलौनी, सुनीता देवी, लक्ष्मी देवी, शांति देवी, गंगा गिरि गोस्वामी, लाल सिंह, हीरा बल्लभ जोशी आदि शामिल रहे।
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