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हजारों के टीवी प्रोगाम पर लगेगा ब्रेक
चंद्रशेखर जोशी/अमर उजाला, चंपावत
Updated Thu, 31 Dec 2015 10:51 PM IST
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पहली जनवरी 2016 से शहरी क्षेत्रों के ढेरों लोग केबल के जरिए टेलीविजन कार्यक्रमों का लुत्फ नहीं उठा सकेंगे। ये नौबत पहली जनवरी से अनिवार्य रूप से लागू हुई डिजिटलाइजेशन की वजह से है। फिलहाल जिले में सिर्फ 542 सैटटॉप बॉक्स लगे हैं। यानी इतने ही कनेक्शनों का डिजिटलाइजेशन हुआ है।
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2.65 लाख की आबादी वाले चंपावत जिले में 53953 परिवार हैं। मनोरंजन कर निरीक्षक पंकज आर्या के मुताबिक जिले में 2459 कनेक्शन थे। इसमें 95 प्रतिशत से अधिक कनेक्शन शहरी क्षेत्रों में थे। एक केबल से कई कनेक्शन लेने की वजह से टीवी देखने वाले परिवारों की संख्या को विभाग दर्ज संख्या से दोगुनी मान रहा है। मगर डिजिटलाइजेशन की अनिवार्यता के बावजूद चंपावत जिले के शहरी क्षेत्रों (चंपावत, लोहाघाट, टनकपुर और बनबसा) में अब तक 542 सैटटॉप बॉक्स ही लग सके हैं। फिलहाल चंपावत में 150 रुपये मासिक किराया है।
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अल्ट्रा केबल, चंपावत के स्वामी नवल जोशी और राजेंद्र बोहरा ने बताया कि शहर में डिजिटल केबल तो बिछा दी गई है। मगर पर्याप्त संख्या में सैटटॉप बॉक्स नहीं मिलने से डिजिटलाइजेशन के कार्य में विलंब हो रहा है। यहां डिजिटल केबल चलाने के लिए एयरटेल कंपनी से करार किया गया है। जिसका केंद्र चंपावत जिला मुख्यालय बनाया गया है। पहली जनवरी से सेटटॉप बॉक्स के बगैर हजारों लोग टीवी के कार्यक्रम का लुत्फ नहीं उठा सकेंगे।
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देरी की हैं कई वजहें
सैटटॉप बाक्स लगने में देरी की कई वजहें हैं। एकमुश्त 1700 रुपये की रकम लग रही है। जबकि इससे कम रुपयों में कई डीटीएच कंपनियां सैटटॉप बाक्स लगा रही है। साथ ही जाड़ों की छुट्टियों की वजह से काफी लोगों के बाहर जाने से भी सैटटॉप बाक्स लगाने की गति धीमी है।
ये होंगे लाभ
अभी तक चंपावत में केबल के जरिए सिर्फ 60 चैनल दिखाए जा रहे थे। लेकिन डिजिटलाइजेशन के बाद चैनल संख्या 200 पार कर गई है। इसके अलावा 16 एचडी (हाई डेफिनेशन) चैनल भी होंगे। सैटटॉप बाक्स के जरिए दर्शक क्लियर पिक्चर देख सकेंगे। दर्शक अब केबल पर 24 घंटे चैनल देख सकेंगे। बत्ती गुल होने पर भी 24 घंटे जनरेटरों के जरिये केबल चलता रहेगा।
डिजिटाइजेशन से कर चोरी पर अंकुश लगेगा। विभाग को मनोरंजन कर के रूप में प्रति कनेक्शन 20 रुपये मासिक का राजस्व मिलेगा। इसके अलावा सरकार सेवा कर भी वसूलेगी। पिक्चर क्वालिटी बेहतर होने के अलावा उपभोक्ताओं को पैकेज चयन करने के साथ अधिक चैनल देखने की सुविधा मिलेगी। अलबत्ता कंडिशनल एक्सेस सिस्टम (सीएएस) के रेट अभी घोषित नहीं किए गए हैं। इस सिस्टम में छह माह बाद पैकेज के आधार पर किराया तय होगा।
पंकज आर्या, मनोरंजन कर निरीक्षक, चंपावत।