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Champawat News: तामली और आमनी में घास प्लांट लगाने के नाम पर हजारों की ठगी
Fri, 21 Nov 2025 11:27 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 21 Nov 2025 11:27 PM IST
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चंपावत। ग्राम सभा तामली में किसान सेवा संस्थान हरियाणा का कर्मी बताकर पशुपालकों से अजोला घास के प्लांट लगाने के नाम पर 24 हजार से अधिक की ठगी कर दी गई। दो माह बीतने के बाद पीड़ित किसानों को ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग की है।
ग्राम सभा तामली में बीती 18 सितंबर को चार लोग आए। उन्होंने खुद को किसान सेवा संस्थान का कर्मचारी बताते हुए पशुपालकों को अजोला घास के बारे में जानकारी देने के साथ ही अजोला घास का प्लांट लगवाने के लिए प्रेरित किया। प्लांट लगाने के लिए पशुपालकों से 500 रुपये आवेदन शुल्क के रूप में लिए गए। कर्मियों ने बताया कि प्लांट लगने के बाद 2700 रुपये लिया जाएगा और एक महीने के अंदर 1600 रुपये सब्सिडी पशुपालकों के बैंक खातों में डाली जाएगी।
कर्मियों ने यह भी बताया कि 10 दिन के अंदर किसान सेवा संस्थान के कर्मचारी प्लांट की देखरेख करने आएंगे। 30 दिन तक इसकी देखरेख की पूर्ण जिम्मेदारी संस्था की होगी। आवेदन शुल्क लेने के करीब एक हफ्ते के अंदर ग्राम सभा तामली में दो पशुपालकों और ग्राम सभा आमनी में सात पशुपालकों ने प्लांट लगवाया। साथ ही 2700 रुपये की धनराशि प्रत्येक पशुपालकों ने इन्हें दी। पीड़ित पशुपालक भुवन चंद्र जोशी ने डीएम मनीष कुमार को ज्ञापन देकर समाधान की मांग की है। बताया कि आमनी गांव के सात और तामली के दो लोग ठगी का शिकार हुए हैं।
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कर्मियों ने प्लांट के नाम की रसीद भी काट उन्हें दी है। प्रधान आमनी गौरी सिंह ने प्रशासन से मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। डीएम मनीष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। कहा कि अगर भविष्य में इस तरह के लोग क्षेत्र में आते हैं तो बिना देर किए पुलिस को इसकी जानकारी दें।
पशुपालकों को दिलाया पूर्ण विश्वास
खुद को संस्था का कर्मी बताने वालों ने पशुपालकों को पूर्ण विश्वास दिलाया। सब्सिडी वापस देने के नाम पर पशुपालकों का बैंक खाता संख्या और आधार कार्ड की फोटो भी खींचकर ले गए लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी कोई भी व्यक्ति इन प्लांटों की देखरेख करने कोई नहीं आया और न किसी भी पशुपालकों के खाते में सब्सिडी आई। इससे पशुपालक अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। साथ ही बैंक खाता संख्या और आधार कार्ड के दुरुपयोग का संदेह जता रहे हैं। ग्रामीणों ने उक्त प्रकरण की जांच करवाकर पशुपालकों का संदेह दूर कर संस्था के पर कठोर कार्रवाई कराने की मांग की है।
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ग्राम सभा तामली में बीती 18 सितंबर को चार लोग आए। उन्होंने खुद को किसान सेवा संस्थान का कर्मचारी बताते हुए पशुपालकों को अजोला घास के बारे में जानकारी देने के साथ ही अजोला घास का प्लांट लगवाने के लिए प्रेरित किया। प्लांट लगाने के लिए पशुपालकों से 500 रुपये आवेदन शुल्क के रूप में लिए गए। कर्मियों ने बताया कि प्लांट लगने के बाद 2700 रुपये लिया जाएगा और एक महीने के अंदर 1600 रुपये सब्सिडी पशुपालकों के बैंक खातों में डाली जाएगी।
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कर्मियों ने यह भी बताया कि 10 दिन के अंदर किसान सेवा संस्थान के कर्मचारी प्लांट की देखरेख करने आएंगे। 30 दिन तक इसकी देखरेख की पूर्ण जिम्मेदारी संस्था की होगी। आवेदन शुल्क लेने के करीब एक हफ्ते के अंदर ग्राम सभा तामली में दो पशुपालकों और ग्राम सभा आमनी में सात पशुपालकों ने प्लांट लगवाया। साथ ही 2700 रुपये की धनराशि प्रत्येक पशुपालकों ने इन्हें दी। पीड़ित पशुपालक भुवन चंद्र जोशी ने डीएम मनीष कुमार को ज्ञापन देकर समाधान की मांग की है। बताया कि आमनी गांव के सात और तामली के दो लोग ठगी का शिकार हुए हैं।
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कर्मियों ने प्लांट के नाम की रसीद भी काट उन्हें दी है। प्रधान आमनी गौरी सिंह ने प्रशासन से मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है। डीएम मनीष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। कहा कि अगर भविष्य में इस तरह के लोग क्षेत्र में आते हैं तो बिना देर किए पुलिस को इसकी जानकारी दें।
पशुपालकों को दिलाया पूर्ण विश्वास
खुद को संस्था का कर्मी बताने वालों ने पशुपालकों को पूर्ण विश्वास दिलाया। सब्सिडी वापस देने के नाम पर पशुपालकों का बैंक खाता संख्या और आधार कार्ड की फोटो भी खींचकर ले गए लेकिन दो महीने बीतने के बाद भी कोई भी व्यक्ति इन प्लांटों की देखरेख करने कोई नहीं आया और न किसी भी पशुपालकों के खाते में सब्सिडी आई। इससे पशुपालक अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। साथ ही बैंक खाता संख्या और आधार कार्ड के दुरुपयोग का संदेह जता रहे हैं। ग्रामीणों ने उक्त प्रकरण की जांच करवाकर पशुपालकों का संदेह दूर कर संस्था के पर कठोर कार्रवाई कराने की मांग की है।