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Champawat News: गुमदेश में लोकतंत्र के महापर्व और आस्था के लोक पर्व का होगा संगम
Thu, 18 Apr 2024 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 18 Apr 2024 11:46 PM IST
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चंपावत। गुमदेश के लोग लोकतंत्र का महापर्व और आस्था का लोक पर्व प्रसिद्ध चैतोला मेला एक ही दिन मनाएंगे। लोग महापर्व में मतदान करने के साथ-साथ लोक पर्व में देवताओं से आशीर्वाद भी लेंगे। तीन दिवसीय इस मेले का अपना महत्व है।
लोहाघाट विधानसभा के गुमदेश का प्रसिद्ध चैतोला मेला 18 से 20 अप्रैल तक होगा। संचालित होता है। क्षेत्र के लोगों की मेले में बड़ी आस्था है। मेले में मडलक, रौसाल, दिगालीचौड, किमतोली, चौमैल, लोहाघाट, चंपावत, पिथौरागढ़ आदि स्थानों से लोग पहुंचते हैं। 18 अप्रैल दशमी को चमू देवता का सिंहासन डोला मुख्य मंदिर से मड़ गांव की ओर प्रस्थान करता है। त्यूरीज्यूला बरगोली, मड़, शिलिंग-जिंडी, चौपता, बसकुनी, न्योलटुकरा, जाख और सिरकोट से जत्थे इसमें शामिल होते हैं। शुक्रवार को मड़ गांव से चमू देवता की भव्य रथ यात्रा निकलेगी, जो दुर्गम रास्तों को पार करते हुए चौखाम बाबा मंदिर पहुंचेगी। 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव मतदान के दिन मुख्य मेला होगा। 20 अप्रैल को व्यापारिक मेला लगेगा।
मतदान स्थल लोकपर्व के चलते बदलना पड़ा
चंपावत। गुमदेश का प्रसिद्ध चैतोला मेला 18 से 20 अप्रैल तक होता है। 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव का मतदान और मुख्य मेला होने से लोग परेशान थे। मेला कमेटी के अध्यक्ष खुशाल सिंह धौनी ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमवेदल बनाया गया था, जो मेला स्थल क्षेत्र में था। ऐसे में लोकतंत्र का महापर्व और आस्था का लोकपर्व दोनों प्रभावित होते। जिला निर्वाचन अधिकारी नवनीत पांडे से वार्ता के बाद मतदान स्थल 700 मीटर दूर जीआईसी चमदेवल में बनाया गया। इससे न तो मतदान प्रभावित होगा और न आस्था का पर्व। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वार्ता के बाद आस्था को ध्यान में रखते हुए मतदान स्थल जीआईसी चमदेवल को बनाया गया। संवाद
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लोहाघाट विधानसभा के गुमदेश का प्रसिद्ध चैतोला मेला 18 से 20 अप्रैल तक होगा। संचालित होता है। क्षेत्र के लोगों की मेले में बड़ी आस्था है। मेले में मडलक, रौसाल, दिगालीचौड, किमतोली, चौमैल, लोहाघाट, चंपावत, पिथौरागढ़ आदि स्थानों से लोग पहुंचते हैं। 18 अप्रैल दशमी को चमू देवता का सिंहासन डोला मुख्य मंदिर से मड़ गांव की ओर प्रस्थान करता है। त्यूरीज्यूला बरगोली, मड़, शिलिंग-जिंडी, चौपता, बसकुनी, न्योलटुकरा, जाख और सिरकोट से जत्थे इसमें शामिल होते हैं। शुक्रवार को मड़ गांव से चमू देवता की भव्य रथ यात्रा निकलेगी, जो दुर्गम रास्तों को पार करते हुए चौखाम बाबा मंदिर पहुंचेगी। 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव मतदान के दिन मुख्य मेला होगा। 20 अप्रैल को व्यापारिक मेला लगेगा।
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मतदान स्थल लोकपर्व के चलते बदलना पड़ा
चंपावत। गुमदेश का प्रसिद्ध चैतोला मेला 18 से 20 अप्रैल तक होता है। 19 अप्रैल को लोकसभा चुनाव का मतदान और मुख्य मेला होने से लोग परेशान थे। मेला कमेटी के अध्यक्ष खुशाल सिंह धौनी ने बताया कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय चमवेदल बनाया गया था, जो मेला स्थल क्षेत्र में था। ऐसे में लोकतंत्र का महापर्व और आस्था का लोकपर्व दोनों प्रभावित होते। जिला निर्वाचन अधिकारी नवनीत पांडे से वार्ता के बाद मतदान स्थल 700 मीटर दूर जीआईसी चमदेवल में बनाया गया। इससे न तो मतदान प्रभावित होगा और न आस्था का पर्व। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि वार्ता के बाद आस्था को ध्यान में रखते हुए मतदान स्थल जीआईसी चमदेवल को बनाया गया। संवाद
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