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महिलाओं को उपहार बांटने में मची अफरातफरी
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रक्षाबंधन समारोह कार्यक्रम में उपहार को लेकर चंपावत गोरलचौड़ मैदान में मची अफरातफरी के बीच सारी
- फोटो : TANAKPUR
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चंपावत/ टनकपुर। रक्षाबंधन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के जाते ही उपहार लेने के लिए महिलाओं में अफरातफरी मच गई। टनकपुर में स्थिति काबू करने के लिए महिला पुलिस को बुलाना पड़ा। दो जगहों पर हुए कार्यक्रम में सभी व्यवस्थाएं धराशाई हो गईं। भगदड़ में एक महिला चोटिल होने से बाल-बाल बच गई।
सीएम ने शनिवार को चंपावत और टनकपुर में पांच हजार से अधिक महिलाओं को डेढ़ लीटर के केसरोल डिब्बे उपहार में दिए। शुरुआत में व्यवस्थाएं ठीकठाक रहीं लेकिन सीएम के जाने के बाद डिब्बों को पाने के लिए महिलाओं का हुजूम जमा हो गया जबकि बांटने वालों की संख्या मुश्किल से पांच ही थी। साथ ही डिब्बों को सीएम के नाम वाले जूट के बैग में रखने में भी समय लग रहा था। देरी से महिलाओं का सब्र टूटा और उन्होंने काउंटर का बैरियर तोड़ डाला।
भाजपा नेता श्याम नारायण पांडेय और त्रिलोक गिरि ने काफी कोशिश की लेकिन अफरातफरी के बीच हालात बेकाबू हो गए। इस बीच एक महिला गिरने से भगदड़ की चपेट में आते-आते बची। वहीं टनकपुर के गांधी मैदान में शाम को हुए ऐसे ही कार्यक्रम में भी अफरातफरी मची। एक महिला तुलसी देवी का गलोबंद खो गया। महिला पुलिस को बुलाकर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया।
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आशा कार्यकर्ताओं ने लगाया आरोप
चंपावत। कार्यक्रम में उपहार न मिलने से आशा कार्यकर्ताओं में गहरा गुस्सा है। आशा संगठन की जिलाध्यक्ष सरस्वती पुनेठा का कहना है कि वे न तो सीएम को राखी बांध सके न सीएम से मिल सके और न ही सीएम की ओर से उन्हें उपहार मिल सके। सीएमओ ने फोन कर कार्यक्रम में बुलाया था और उन्हें यहां सम्मान के लिए तरसना पड़ा। मामले में कोषाध्यक्ष पुष्पा बिष्ट, रुकमणि जोशी सहित 35 से अधिक आशा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई।
रक्षाबंधन समारोह में सीएम पुष्कर सिंह धामी की ओर से दिए गए उपहारों को व्यवस्थित तरीके से बंटवाने के लिए नोडल अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई थी। अफरातफरी क्यों और कैसे मची? इसका पता लगाएंगे। वहीं उपहार के बगैर गईं महिलाओं के नाम-पतों की जानकारी लेकर उपहार उनके घर भिजवाएंगे।
- नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।
उपहार वितरण के लिए अधिकारी लगाए गए थे। 80 महिलाओं को उपहार नहीं मिले। महिलाओं की संख्या अधिक होने से अफरातफरी जरूर रही लेकिन स्थिति संभाल ली गई।
- आरएस रावत, सीडीओ और नोडल अधिकारी, चंपावत।
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सीएम ने शनिवार को चंपावत और टनकपुर में पांच हजार से अधिक महिलाओं को डेढ़ लीटर के केसरोल डिब्बे उपहार में दिए। शुरुआत में व्यवस्थाएं ठीकठाक रहीं लेकिन सीएम के जाने के बाद डिब्बों को पाने के लिए महिलाओं का हुजूम जमा हो गया जबकि बांटने वालों की संख्या मुश्किल से पांच ही थी। साथ ही डिब्बों को सीएम के नाम वाले जूट के बैग में रखने में भी समय लग रहा था। देरी से महिलाओं का सब्र टूटा और उन्होंने काउंटर का बैरियर तोड़ डाला।
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भाजपा नेता श्याम नारायण पांडेय और त्रिलोक गिरि ने काफी कोशिश की लेकिन अफरातफरी के बीच हालात बेकाबू हो गए। इस बीच एक महिला गिरने से भगदड़ की चपेट में आते-आते बची। वहीं टनकपुर के गांधी मैदान में शाम को हुए ऐसे ही कार्यक्रम में भी अफरातफरी मची। एक महिला तुलसी देवी का गलोबंद खो गया। महिला पुलिस को बुलाकर व्यवस्था बनाने का प्रयास किया गया।
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आशा कार्यकर्ताओं ने लगाया आरोप
चंपावत। कार्यक्रम में उपहार न मिलने से आशा कार्यकर्ताओं में गहरा गुस्सा है। आशा संगठन की जिलाध्यक्ष सरस्वती पुनेठा का कहना है कि वे न तो सीएम को राखी बांध सके न सीएम से मिल सके और न ही सीएम की ओर से उन्हें उपहार मिल सके। सीएमओ ने फोन कर कार्यक्रम में बुलाया था और उन्हें यहां सम्मान के लिए तरसना पड़ा। मामले में कोषाध्यक्ष पुष्पा बिष्ट, रुकमणि जोशी सहित 35 से अधिक आशा कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताई।
रक्षाबंधन समारोह में सीएम पुष्कर सिंह धामी की ओर से दिए गए उपहारों को व्यवस्थित तरीके से बंटवाने के लिए नोडल अधिकारी को जिम्मेदारी दी गई थी। अफरातफरी क्यों और कैसे मची? इसका पता लगाएंगे। वहीं उपहार के बगैर गईं महिलाओं के नाम-पतों की जानकारी लेकर उपहार उनके घर भिजवाएंगे।
- नरेंद्र सिंह भंडारी, डीएम, चंपावत।
उपहार वितरण के लिए अधिकारी लगाए गए थे। 80 महिलाओं को उपहार नहीं मिले। महिलाओं की संख्या अधिक होने से अफरातफरी जरूर रही लेकिन स्थिति संभाल ली गई।
- आरएस रावत, सीडीओ और नोडल अधिकारी, चंपावत।