{"_id":"68811e3c59a4b206a7084711","slug":"there-is-no-bone-specialist-in-the-sub-district-hospital-for-three-months-patients-are-worried-champawat-news-c-229-1-shld1007-126983-2025-07-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Champawat News: तीन महीने से उप जिला अस्पताल में नहीं हैं हड्डी विशेषज्ञ, मरीज परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Champawat News: तीन महीने से उप जिला अस्पताल में नहीं हैं हड्डी विशेषज्ञ, मरीज परेशान
Wed, 23 Jul 2025 11:09 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Wed, 23 Jul 2025 11:09 PM IST
विज्ञापन
टनकपुर (चंपावत)। उप जिला अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ का पद तीन माह से रिक्त है। इस वजह से मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ओपीडी में हड्डी से संबंधित 25-30 रोगी रोजाना आ रहे हैं।
क्षेत्र के प्रमुख उप जिला अस्पताल में टनकपुर-बनबसा के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से भी मरीज आते हैं। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 250 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। इसमें हड्डी रोग से संबंधित मरीज भी काफी होते हैं। गत अप्रैल माह तक हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती होने से संबंधित मरीजों को राहत मिल रही थी। हड्डी रोग विशेषज्ञ के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद रिक्त चल रहा है। अस्पताल में हड्डी से संबंधित गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। इस वजह से जरूरतमंद मरीजों को निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सीएमएस डाॅ. घनश्याम तिवारी ने बताया कि मुख्यालय से डिमांड की गई है। उन्होंने माना कि हड्डी रोग के गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। अस्पताल में हड्डी के सामान्य मरीजों का ही इलाज संभव हो पा रहा है। विभाग से निरंतर डिमांड की जा रही है, उम्मीद है कि जल्द ही हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो जाएगी।
विज्ञापन
क्षेत्र के प्रमुख उप जिला अस्पताल में टनकपुर-बनबसा के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल से भी मरीज आते हैं। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 250 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। इसमें हड्डी रोग से संबंधित मरीज भी काफी होते हैं। गत अप्रैल माह तक हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती होने से संबंधित मरीजों को राहत मिल रही थी। हड्डी रोग विशेषज्ञ के सेवानिवृत्त होने के बाद से यह पद रिक्त चल रहा है। अस्पताल में हड्डी से संबंधित गंभीर मरीजों को हायर सेंटर रेफर करना पड़ रहा है। इस वजह से जरूरतमंद मरीजों को निजी अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। सीएमएस डाॅ. घनश्याम तिवारी ने बताया कि मुख्यालय से डिमांड की गई है। उन्होंने माना कि हड्डी रोग के गंभीर मरीजों को रेफर करना पड़ रहा है। अस्पताल में हड्डी के सामान्य मरीजों का ही इलाज संभव हो पा रहा है। विभाग से निरंतर डिमांड की जा रही है, उम्मीद है कि जल्द ही हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती हो जाएगी।
विज्ञापन