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Champawat News: जच्चा-बच्चा के लिए नहीं हैं खुशियों की सवारी

Mon, 06 Jan 2025 10:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Mon, 06 Jan 2025 10:54 PM IST
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The ride of happiness is not for mother and child
मंच/चंपावत। सीमांत तल्लादेश में खुशियों की सवारी की सुविधा नहीं है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद परिजनों को जच्चा-बच्चा को घर ले जाने के लिए वाहन बुक करना पड़ता या फिर निजी वाहन से ले जाना पड़ता है। पीएचसी मंच में प्रत्येक माह करीब छह प्रसव होते हैं।
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पीएचसी मंच तामली, मंच, हरम, रमैला, बकोड़ा, मटकांडा, मोस्टा, तरकुली, हरतोला, सौरई, आमनी, गुरखोली समेत 12 से अधिक गांवों का डिलीवरी केंद्र भी है। तल्लादेश क्षेत्र में करीब 15000 की आबादी है। इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर शीला प्रहरी, पुष्पांजलि पांडेय एएनएम तैनात हैं, जो प्रसव कराने में अहम भूमिका निभाती हैं।
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इस क्षेत्र में खुशियों की सवारी नहीं होने से जच्चा-बच्चा के साथ ही परिजनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। साधन संपन्न परिवारों के लिए निजी वाहन या टैक्सी वाहन बुकर कराना आसान है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह आसान नहीं है। इधर स्वास्थ्य केंद्र मंच में डिलीवरी सेंटर का भी निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
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- तल्ला देश क्षेत्र में खुशियों की सवारी वाहन नहीं होने से जच्चा-बच्चा को निजी वाहन बुक कर घर जाना पड़ता है। खुशियों की सवारी होगी तो क्षेत्र की प्रसूताओं को लाभ मिलेगा। - दीपक महर, प्रधान, मंच।


- खुशियों की सवारी की सीमांत तल्ला देश क्षेत्र में बहुत आवश्यकता है। लोग पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचते है। ऐसे में अगर खुशियों की सवारी होगी तो लोगो को इसका लाभ मिलेगा। - भीम दत्त शर्मा, प्रधान, लवर्की।
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