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क्षेत्र के लोग श्रमदान कर बना रहे है पैदल रास्ते
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट (चंपावत)
Updated Fri, 03 Feb 2017 10:20 PM IST
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क्षेत्र के लोग श्रमदान कर बना रहे है पैदल रास्ते
- फोटो : अमर उजाला
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लधिया और रतिया नदी पर कठौला से रीठा साहिब के बीच पैदल पुल नहीं होने से ग्रामीणों और बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से पैदल पुल बनाने की मांग की पर कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को क्षेत्र के ग्रामीणों ने श्रमदान कर नदी पर पत्थर डालकर आने-जाने के लिए रास्ता बनाना शुरू कर दिया।
रीठासाहिब के लिए पैदल पुल नहीं होने से कठौला, सिरना, पोखरी सहित कई गांवों के लोगों को आवाजाही के लिए दिक्क्त होती थी। बरसात में नदी को पार मुश्किल होता था। बच्चों को स्कूल जाने के लिए एक किलोमीटर से अधिक की अतिरिक्त दूरी तय कर परेवा और रीठा पैदल पुल से जाना पड़ता था।
क्षेत्र के लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से पैदल पुल बनाने की मांग की लेकिन कही कोई सुनवाई न होने पर शुक्रवार को ग्रामीणों ने नदी से आवाजाही सुचारु करने के लिए पत्थर डाल श्रमदान किया। इस काम में सतनाम सिंह, भोला सिंह, हरि मोहन, राकेश, धर्मिंदर, शेर सिंह आदि ने हाथ बंटाया।
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रीठासाहिब के लिए पैदल पुल नहीं होने से कठौला, सिरना, पोखरी सहित कई गांवों के लोगों को आवाजाही के लिए दिक्क्त होती थी। बरसात में नदी को पार मुश्किल होता था। बच्चों को स्कूल जाने के लिए एक किलोमीटर से अधिक की अतिरिक्त दूरी तय कर परेवा और रीठा पैदल पुल से जाना पड़ता था।
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क्षेत्र के लोगों ने कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग से पैदल पुल बनाने की मांग की लेकिन कही कोई सुनवाई न होने पर शुक्रवार को ग्रामीणों ने नदी से आवाजाही सुचारु करने के लिए पत्थर डाल श्रमदान किया। इस काम में सतनाम सिंह, भोला सिंह, हरि मोहन, राकेश, धर्मिंदर, शेर सिंह आदि ने हाथ बंटाया।
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