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बरसात में आसान नहीं होगी आवाजाही
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Sun, 24 Jun 2018 10:41 PM IST
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सड़क
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़ और टनकपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग को बारहमासी सड़क (आल वैदर रोड) में तब्दील किए जाने के लिए इन दिनों निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। सड़क निर्माण के दौरान पहाड़ियों की कटिंग में निकल रहा टनों वजनी मलबे का निस्तारण करना जहां एक समस्या बन रहा है। वहीं बरसात के मौसम में बारहमासी सड़क में वाहनों की आवाजाही आसान नहीं रहने वाली है। कहीं पर धूल के गुबार समस्या बन रहे हैं तो कहीं पर कीचड़ ही कीचड़ वाहन चालकों की मुसीबत बढ़ा रही है।
कार्यदायी संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से राजमार्ग चौड़ीकरण कार्य में चट्टानों को काटने के लिए परंपरागत विस्फोटकों के प्रयोग के बजाए स्टोन क्रेकरों की मदद ली जा रही है। लेकिन कटिंग कार्य के दौरान निकल रहा मलबा बरसात में वाहनों की राह रोक सकता है। हालांकि कार्यदायी संस्था की ओर से सभी संवेदनशील स्थानों में वैकल्पिक व्यवस्थाएं की हुई हैं। राजमार्ग निर्माण खंड के ईई एलडी मथेला के अनुसार बरसात में मलबा गिरने से रोड को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए सभी संवेदनशील स्थानों में पर्याप्त उपकरण और श्रमिक तैनात कर दिए गए हैं। राजमार्ग निर्माण खंड के एई एनसी पांडेय का कहना है कि पहाड़ियों की संवेदनशीलता और पर्यावरण के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ही सड़क कटिंग कार्य में केवल मशीनी उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। कटिंग के दौरान चट्टानों को काटने के लिए स्टोन क्रेकर का प्रयोग किया जा रहा है।
धूल से बचाव को पानी का छिड़काव किया
चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान धूल के गुबार से निजात दिलाने को प्रशासन सक्रिय हो गया है। रविवार को धूल उड़ने वाली कई जगहों पर टैंकर से पानी का छिड़काव किया गया।
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एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान जबरदस्त धूल उड़ रही है। उन्होंने बताया कि पानी छिड़काव के लिए राजस्व टीम का गठन किया गया है। टीम में शामिल राजस्व उप निरीक्षक शंकर वर्मा, छत्र सिंह बोहरा और अमित सिंह सीपाल की देखरेख में शिवालया कंपनी ने धौन, छतकांडा, भनार पुल, अमोड़ी और विश्राम घाट में टैंकर से पानी का छिड़काव किया। राजस्व उप निरीक्षक शंकर वर्मा ने बताया कि छिड़काव के लिए धौन, छतकोट और बनलेख के गधेरे से टैंकर में पानी भरा जा रहा है।
कार्यदायी संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण खंड की ओर से राजमार्ग चौड़ीकरण कार्य में चट्टानों को काटने के लिए परंपरागत विस्फोटकों के प्रयोग के बजाए स्टोन क्रेकरों की मदद ली जा रही है। लेकिन कटिंग कार्य के दौरान निकल रहा मलबा बरसात में वाहनों की राह रोक सकता है। हालांकि कार्यदायी संस्था की ओर से सभी संवेदनशील स्थानों में वैकल्पिक व्यवस्थाएं की हुई हैं। राजमार्ग निर्माण खंड के ईई एलडी मथेला के अनुसार बरसात में मलबा गिरने से रोड को बाधित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए सभी संवेदनशील स्थानों में पर्याप्त उपकरण और श्रमिक तैनात कर दिए गए हैं। राजमार्ग निर्माण खंड के एई एनसी पांडेय का कहना है कि पहाड़ियों की संवेदनशीलता और पर्यावरण के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ही सड़क कटिंग कार्य में केवल मशीनी उपकरणों का प्रयोग किया जा रहा है। कटिंग के दौरान चट्टानों को काटने के लिए स्टोन क्रेकर का प्रयोग किया जा रहा है।
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धूल से बचाव को पानी का छिड़काव किया
चंपावत। बारहमासी सड़क निर्माण के दौरान धूल के गुबार से निजात दिलाने को प्रशासन सक्रिय हो गया है। रविवार को धूल उड़ने वाली कई जगहों पर टैंकर से पानी का छिड़काव किया गया।
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एसडीएम सीमा विश्वकर्मा ने बताया कि सड़क निर्माण के दौरान जबरदस्त धूल उड़ रही है। उन्होंने बताया कि पानी छिड़काव के लिए राजस्व टीम का गठन किया गया है। टीम में शामिल राजस्व उप निरीक्षक शंकर वर्मा, छत्र सिंह बोहरा और अमित सिंह सीपाल की देखरेख में शिवालया कंपनी ने धौन, छतकांडा, भनार पुल, अमोड़ी और विश्राम घाट में टैंकर से पानी का छिड़काव किया। राजस्व उप निरीक्षक शंकर वर्मा ने बताया कि छिड़काव के लिए धौन, छतकोट और बनलेख के गधेरे से टैंकर में पानी भरा जा रहा है।