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मेरे रूप को देखकर चंद्रमा शरमा गया और छुप गया...
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
Updated Sat, 07 Oct 2017 11:20 PM IST
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बिसज्यूला की रामलीला में लक्ष्मण को रिझाती सूर्पनखा।
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के विभिन्न स्थानों पर रामलीला का मंचन चरम पर पहुंचता जा रहा है। बिस्ज्यूला में चल रही रामलीला में सूर्पणखा ने राम और लक्ष्मण को अपने रूप से रिझाने का प्रयास करते हुए कहा-मेरे रूप को देखकर चंद्रमा शरमा गया और छुप गया। यहां रामलीला कमेटी अध्यक्ष योगेश खर्कवाल, कोषाध्यक्ष सतीश चंद्र के नेतृत्व में रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। उधर, मौराड़ी में चल रही रामलीला में मेघनाथ वध की लीला का मंचन किया गया। इसके अलावा बनलेख, बडोली, मिरतोला, सैंदर्क और अमोड़ी में रामलीला का मंचन जारी है।
लोहाघाट के चौमेल, मडलक, सैलपेडू, पुलहिंडोला, पाटी, वालिक में भी रामलीला की धूम मची है। पाटी में छठे दिन की लीला का शुभारंभ पूर्व प्रमुख एलएस लमगड़िया ने किया। यहां की लीला में केवट परिवार का राम, सीता, लक्ष्मण को नाव से गंगा पार कराना, दशरथ मरण, भरत की अयोध्या वापसी, शत्रुघ्न का मंथरा का कूबड़ फोड़ना एवं सुमंत का राम को मनाने जाने का सुंदर मंचन किया गया। लीला निर्देशक महेश चंद्र गहतोड़ी एवं सहलीला निर्देशक सागर मौनी के नेतृत्व में रामलीला चल रही है। लीला में केवट, सुमंत, मंथरा, दशरथ, कैकेई का अभिनय क्रमश: भुवन जोशी, माधवानंद पचौली, सुरेंद्र लडवाल, महेश भट्ट, रमेश पाटनी ने किया। इधर, चौमेल में सूर्पणखा का नासिका छेदन, खर-दूषण वध के बाद जोगी वेश में रावण द्वारा सीता का हरण करने की लीला दिखाई गई। अध्यक्ष उमेद सिंह बिष्ट, अशोक सिंह महर के दिशा निर्देशन में रामलीला का आयोजन चल रहा है।
लोहाघाट के चौमेल, मडलक, सैलपेडू, पुलहिंडोला, पाटी, वालिक में भी रामलीला की धूम मची है। पाटी में छठे दिन की लीला का शुभारंभ पूर्व प्रमुख एलएस लमगड़िया ने किया। यहां की लीला में केवट परिवार का राम, सीता, लक्ष्मण को नाव से गंगा पार कराना, दशरथ मरण, भरत की अयोध्या वापसी, शत्रुघ्न का मंथरा का कूबड़ फोड़ना एवं सुमंत का राम को मनाने जाने का सुंदर मंचन किया गया। लीला निर्देशक महेश चंद्र गहतोड़ी एवं सहलीला निर्देशक सागर मौनी के नेतृत्व में रामलीला चल रही है। लीला में केवट, सुमंत, मंथरा, दशरथ, कैकेई का अभिनय क्रमश: भुवन जोशी, माधवानंद पचौली, सुरेंद्र लडवाल, महेश भट्ट, रमेश पाटनी ने किया। इधर, चौमेल में सूर्पणखा का नासिका छेदन, खर-दूषण वध के बाद जोगी वेश में रावण द्वारा सीता का हरण करने की लीला दिखाई गई। अध्यक्ष उमेद सिंह बिष्ट, अशोक सिंह महर के दिशा निर्देशन में रामलीला का आयोजन चल रहा है।
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