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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   The magnification of the drinking water problem

पीने के पानी ने बढ़ाई लोगों की परेशानी

Thu, 03 Mar 2016 11:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट
ब्यूरो/अमर उजाला, लोहाघाट Updated Thu, 03 Mar 2016 11:00 PM IST
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नगर में पीने के पानी की समस्या ने आम लोगों विशेषकर महिलाओं की दिनचर्या को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। मौसम में बढ़ती तपन के साथ पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। नगर के कई वार्डों में चौथे या पांचवें दिन पानी मिल रहा है। वह भी केवल आधा घंटा। सूखे ने इस समस्या को और विकराल रूप दे दिया है।

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लोहावती नदी सूखती जा रही है। फोर्ती, बनस्वाड़ पेयजल योजना का जल स्तर 75 फीसदी कम हो चुका है। फोर्ती और बलांई गधेरे से चौड़ी लिफ्ट पेयजल योजना में गिरने वाले पानी की मात्रा भी बहुत कम हो गई है। लोगों का कहना है कि चुनावों के  दौरान छोटे-बड़े नेता पानी की समस्या का हल करने का वादा करते हैं, लेकिन उसके बाद वह चुप्पी साध लेते हैं।
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दो बाल्टी भरने के बाद बंद हो जाता है हैंडपंप
ऋषेश्वर वार्ड के प्रकाश बगौली का कहना है कि उनके मोहल्ले में चौथे-पांचवें दिन पानी मिलता है, वह भी आधा घंटा। हैंडपंप है, लेकिन दो बाल्टी पानी भरने के बाद बंद हो जाता है। इसके बाद सहारा केवल नर्सरी गधेरे का रह जाता है। वैसे तो नेता हर मामले में नेतागिरी दिखाते हैं, लेकिन इस ज्वलंत मुद्दे में कोई कुछ नहीं कर रहा है।
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पूरे परिवार के लोग पानी भरने में जुटते हैं
76 वर्षीय जानकी ओली का कहना है कि पहले पानी की दिक्कत नहीं होती थी। अब पूरे परिवार के लोग पानी भरने में लगे रहते हैं। तीन-चार दिन में थोड़ी देर पानी मिलता है, उससे जरूरत पूरी नहीं होती है। पैसा देकर पानी गाड़ियों से मंगाते हैं।

चौथे दिन भी आ जाए पानी तो गनीमत
लोहावती वार्ड की मरियम बेगम का कहना है कि पानी के चक्कर में उनका सिलाई का कार्य भी नहीं हो पाता है। पानी के आने और जाने का कोई समय नहीं है। चौथे दिन पानी आ जाए तो गनीमत है। इस समस्या ने महिलाओं को परेशान कर दिया है। हैंडपंप है, लेकिन खराब पड़ा है।

पीने लायक नहीं रहा नौलों का पानी
गोर्खानगर के जगदीश आर्या का कहना है कि पानी को लेकर इस मोहल्ले में सबसे ज्यादा समस्या है, यदि यहां नौले नहीं होते तो स्थिति और खराब होती, लेकिन नौलों का पानी पीने लायक नहीं है। यहां मोहल्ले के लोग नल के पानी की व्यवस्था से परेशान हो चुके हैं।


16 लाख के सापेक्ष मिल रहा 5 लाख लीटर पानी
जलकल अभियंता पवन बिष्ट का कहना है कि नगर में 16.20 लाख लीटर पानी की प्रतिदिन की आवश्यकता है, जिसमें पांच लाख लीटर पानी मिल रहा है। अब हर चौथे दिन 50 मिनट से एक घंटा पानी का वितरण किया जा रहा है। एक-दो दिन बाद टैंकरों से पानी मेन टैंक में डाला जाएगा।

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