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उच्च न्यायालय का फैसला आने तक लीज पर न दी जाए पूर्णागिरि क्षेत्र की भूमि

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2021 12:47 AM IST
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The land of the Purnagiri region should not be given on lease till the High Court's decision comes.
टनकपुर (चंपावत)। मां पूर्णागिरि धाम के पुजारियों ने उच्च न्यायालय में लंबित पूर्णागिरि के 27 नाप भूमि के चकों और वन भूमि का सीमांकन किए जाने की मांग उठाई है। उन्होंने सीमांकन नहीं होने तक पूर्णागिरि क्षेत्र की भूमि किसी भी सरकारी संस्था को लीज पर नहीं दिए जाने का आग्रह किया है।
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चंपावत वन प्रभाग के डीएफओ, जिलाधिकारी और उप जिलाधिकारी को दिए ज्ञापन में पुजारियों ने कहा है कि पूर्णागिरि धाम व उससे लगे गांव में कौम तिवारी, बलडिया पांडेय के राजस्व रिकार्ड के अनुसार नाप भूमि के 27 चक वन विभाग की भूमि से लगे हैं। नाप चकों और वन विभाग की भूमि का सीमांकन स्पष्ट नहीं है। लेकिन पता चला है कि जिला पंचायत की ओर से मेला क्षेत्र के अंतर्गत भूमि को लीज पर लेने की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा है कि नाप भूमि के चक और वन विभाग की भूमि का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में न्यायालय का फैसला आने तक जिला पंचायत को पूर्णागिरि क्षेत्र की भूमि लीज पर देने की कार्यवाही न की जाए। ज्ञापन देने वालों में वन पंचायत कौली कुलाड़ी के सरपंच हेम चंद्र पांडेय, नेत्र बल्लभ तिवारी, प्रकाश पांडेय, लालमणी पांडेय, चंद्रशेखर पांडेय, अनिल पांडेय, भीम दत्त पांडेय, दुर्गा दत्त पांडेय, सुरेश तिवारी, कमलापति पांडेय आदि शामिल थे।
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