{"_id":"5ccf1eacbdec220775593323","slug":"the-girl-child-is-not-getting-medical-facilities","type":"story","status":"publish","title_hn":"संसाधनों के अभाव में बच्ची की जान सांसत में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संसाधनों के अभाव में बच्ची की जान सांसत में
Sun, 05 May 2019 11:04 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अमर उजाला ब्यूरो /चंपावत
अमर उजाला ब्यूरो /चंपावत
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Sun, 05 May 2019 11:04 PM IST
विज्ञापन
हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल में भर्ती बालिका कामिनी फर्त्याल।
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएं किस कदर बदहाल हैं, इसका सुबूत लोहाघाट, चंपावत से हल्द्वानी तक देखने को मिला। संसाधनों के अभाव में लोहाघाट की एक बच्ची की जान सांसत में पड़ गई है। कुमाऊं के सबसे बड़े अस्पताल सुशीला तिवारी (एसटीएच) में तक ऐसे संसाधन नहीं हैं कि किसी की सांस नली में कुछ फंस जाए तो उसे निकाला जा सके। ऐसे में सीएचसी और पीएचसी की बिसात ही क्या है।
विज्ञापन
लोहाघाट निवासी स्व. कृष्ण सिंह फर्त्याल की बेटी कामिनी फर्त्याल (8) ने शुक्रवार को सोने की बाली निगल ली थी, जो उसकी सांस नली में फंस गई। परिजन पहले उसे लोहाघाट के सरकारी अस्पताल में ले गए। वहां उचित इलाज नहीं होने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां भी संसाधनों के अभाव में बच्ची की सांस की नली से बाली नहीं निकाली जा सकी और उसे हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
विज्ञापन
परिजन 108 एंबुलेंस से रविवार की रात बच्ची को लेकर सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। परिजनों का कहना है कि एसटीएच में चिकित्सकों ने बच्ची के दो एक्स-रे कराए। एक्स रे देखने के बाद चिकित्सकों ने ऑपरेशन के लिए जरूरी उपकरण न होने की बात कहकर बच्ची को बरेली या दिल्ली ले जाने की सलाह दे दी।
विज्ञापन
हालांकि, बच्ची के साथ आए उसके परिजन गिरीश सिंह ने आरोप लगाया है कि कई बार आग्रह करने के बाद रेफरल पर्ची बनाई गई। बच्ची को रात में दिल्ली ले जाने के लिए एंबुलेंस तक की सुविधा नहीं मिल पाई। बच्ची की मां कमला फर्त्याल ने बताया कि उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। रविवार की रात एक बजे सौ रुपये खर्च कर रोडवेज बस अड्डे तक गए लेकिन दिल्ली के लिए बस नहीं थी। रविवार सुबह साढ़े पांच बजे दिल्ली के लिए बस मिली, जब जाकर वे बच्ची को लेकर दिल्ली रवाना हो सके। बताया जा रहा है कि परिजन बच्ची को लेकर राम मनोहर लोहिया अस्पताल में गए हैं।
रविवार की देर रात सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचने पर डॉ. शहजाद समेत अन्य चिकित्सकों ने कामिनी की जांच की थी। एक्स-रे देखने के बाद पता चला कि इयर रिंग श्वांस नली में काफी नीचे पहुंच गई है। ऐसी स्थिति में यहां ऑपरेशन करना संभव नहीं था इसीलिए उसे हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी गई। -डॉ. सीपी भैसोड़ा प्राचार्य राजकीय मेडिकल कॉलेज