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पहली बार बागी उम्मीदवार सिरदर्द नहीं बनेंगे
ब्यूरो/अमर उजाला, चंपावत
Updated Fri, 27 Jan 2017 10:08 PM IST
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र जमा करने का वक्त निकल गया है। चंपावत जिले में पहली बार एक भी बागी प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं उतरा। चंपावत सीट पर चार और लोहाघाट क्षेत्र में सात नामांकन पत्र भरे गए, लेकिन दोनों प्रमुख दल भाजपा व कांग्रेस इस बार बागी प्रत्याशियों की मार से बच गए हैं। पूर्व के चुनाव में इन दलों को विद्रोही प्रत्याशियों से भी जूझना पड़ता था।
उत्तराखंड विधानसभा के पहले चुनाव में चंपावत सीट से कांग्रेस के दो व उक्रांद के एक बागी तथा लोहाघाट सीट से कांग्रेस के दो विद्रोही उम्मीदवार थे, जबकि 2007 में चंपावत सीट से कांग्रेस के दो, लोहाघाट सीट से भाजपा के एक और पिछले चुनाव में कांग्रेस के एक बागी प्रत्याशी ने मैदान में ताल ठोंकी थी। ये सभी बागी खुद तो चुनाव हारे, लेकिन उन्होंने चुनावी समीकरणों को जरूर प्रभावित किया।
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उत्तराखंड विधानसभा के पहले चुनाव में चंपावत सीट से कांग्रेस के दो व उक्रांद के एक बागी तथा लोहाघाट सीट से कांग्रेस के दो विद्रोही उम्मीदवार थे, जबकि 2007 में चंपावत सीट से कांग्रेस के दो, लोहाघाट सीट से भाजपा के एक और पिछले चुनाव में कांग्रेस के एक बागी प्रत्याशी ने मैदान में ताल ठोंकी थी। ये सभी बागी खुद तो चुनाव हारे, लेकिन उन्होंने चुनावी समीकरणों को जरूर प्रभावित किया।
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