फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   The bodies of two of the three laborers found missing in the Saradha boom

शारदा के उफान में लापता तीन मजदूरों में से दो के शव बरामद

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sat, 22 May 2021 11:28 PM IST
विज्ञापन
The bodies of two of the three laborers found missing in the Saradha boom
टनकपुर (चंपावत)। गत शुक्रवार को उफनाई शारदा में लापता लखीमपुर खीरी के पिता-पुत्र समेत तीन लोगों में से मजदूर पप्पू (45) और उसके गांव के युवक श्यामल (22) के शव बरामद हो गए हैं। पुलिस अब मृतक पप्पू के बेटे की तलाश में जुटी है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
विज्ञापन

शुक्रवार को उफनाई शारदा में फंसे एक ही परिवार के नौ लोगों को रेस्क्यू करने के बाद देर शाम लखीमपुर खीरी निवासी पिता-पुत्र समेत तीन लोगों के लापता होने की खबर मिली। मजदूर पप्पू की पत्नी रजनी ने शुक्रवार शाम जब पति, पुत्र और गांव के ही एक अन्य युवक के लापता होने की सूचना दी तो पुलिस-प्रशासन ने खनन क्षेत्र से निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए मजदूरों से पूछताछ कर लापता तीनों लोगों की तलाश शुरू की।
विज्ञापन

शनिवार को पुलिस खोजबीन में जुटी थी कि इस बीच खबर मिली कि लापता मजदूरों के आशियाने से करीब ढाई सौ मीटर दूर एमईएस पुल के समीप एक व्यक्ति का शव रेत में दबा पड़ा है। पुलिस ने खुदाई कर शव निकाला तो मृतक की पहचान लापता युवक श्यामल के रूप में हुई है। थोड़ी देर बाद बनबसा क्षेत्र में शारदा के नेपाल छोर पर लापता पप्पू का शव भी बरामद हो गया। सीओ अविनाश वर्मा ने बताया कि दो शव बरामद होने के बाद पप्पू के लापता पुत्र कुंदन की भी खोज की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

मृतक पप्पू की पत्नी ने दर्ज कराई गुमशुदगी
टनकपुर (चंपावत)। लखीमपुर खीरी के पछगवां थाना क्षेत्र के मुल्लापुर निवासी मजदूर पप्पू की पत्नी रजनी ने शनिवार को कोतवाली में पति, पुत्र और गांव के ही एक युवक की गुमशुदगी दर्ज कराई है। कहा गया है कि उसका पति पप्पू, पुत्र कुंदन और देवर श्यामल शारदा खनन में मजदूरी करते थे, जो 20 मई की रात आई बाढ़ के बाद से लापता हैं। उसने पुलिस से उनकी खोजबीन करने की गुहार लगाई है।
तबाही के निशान छोड़ गया शारदा उफान
टनकपुर (चंपावत)। बारिश से उफनाई शारदा का उफान तो थम गया है, लेकिन यह खनन क्षेत्र में तबाही के निशान छोड़ गया। उफान की चपेट में आकर दो मजदूरों को जान गवांनी पड़ गई, जबकि एक अभी लापता हैं। कई मजदूरों केे आशियाने उजड़ गए। मजदूरों का सामान और मेहनत की जमा पूंजी बह गई। इस घटना में तीन डंपर और एक शक्तिमान ट्रक भी बहकर क्षतिग्रस्त हुए हैं।
शनिवार को शारदा नदी का जल स्तर घटा तो बैराज के डाउन स्ट्रीम खनन क्षेत्र में उजड़े पड़े मजदूरों के आशियाने, बहे डंपर और ट्रक तबाही का मंजर बयां कर रहे थे। मृतक पप्पू समेत एक दर्जन मजदूरों के आशियाने जमींदोज पड़े थे और सामान बह चुका था। पप्पू के आशियाने के बगल में रहने वाले मजदूर दीपक ने बताया कि नदी का पानी बढ़ने पर मची भगदड़ में उसने टापू की ओर दौड़कर जान बचाई, लेकिन उसका सामान और जमा पूंजी करीब 12 हजार रुपये बह गए। नदी के बीच से रेस्क्यू कर बचाए गए मजदूर रंजीत कश्यप के परिवार के भी 26 हजार रुपये की जमा पूंजी बही है। उफान की चपेट में आकर बहे तीन डंपर और एक शक्तिमान ट्रक रेत में धंसे पड़े थे। जिन्हें बमुश्किल जेसीबी मशीन की मदद से निकाला जा सका।
बगीचे के काम से पप्पू को दुबारा खनन में खींच लाई मौत
टनकपुर (चंपावत)। शारदा के उफान में जान गंवाने वाले लखीमपुर खीरी निवासी 45 वर्षीय मजदूर पप्पू को क्या पता था कि बगीचे का काम छोड़कर मौत उसे खनन के लिए खींचकर ले जा रही है। पत्नी रजनी के मना करने के बाद भी पप्पू अपने 12 साल के बेटे और गांव के युवक को साथ लेकर दो दिन पहले ही खनन कार्य में गया और जहां से वह फिर वापस नहीं लौटा।
लखीमपुर खीरी के पछगवां थानाक्षेत्र के मुल्लापुर का रहने वाला मृतक पप्पू हर साल परिवार के साथ मजदूरी के लिए आता था। इस बार उसने अपना छान लगाया था, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर के कारण वह खनन का काम छोड़ परिवार के साथ गैंड़ाखाली जाकर बगीचे में काम करने लगा। बगीचे में काम करने के साथ ही उसकी पत्नी गैंड़ाखाली मंदिर में माई की सेवा भी कर रही थी। घटना से दो दिन पहले ही वह अपने पुत्र कुंदन और गांव के युवक श्यामल को साथ लेकर फिर खनन के काम में पहुंचा गया और बारिश के कारण 20 मई की रात ऊफनाई शारदा में अपनी जान नहीं बचा पाया।

वन निगम में पंजीकृत ही नहीं है पप्पू
शारदा खनन में काम करते जान गंवाने वाला मजदूर पप्पू पंजीकृत श्रमिक नहीं था। वन निगम के खनन प्रभाग में पंजीकृत श्रमिकों की सूची में उसका नाम दर्ज नहीं है। खनन प्रभारी हरीश पाल का कहना है कि मृतक पप्पू खनन का पंजीकृत श्रमिक नहीं है। छानबीन में पता चला है कि दो दिन पहले से ही वन खनन में काम करने आया था। विभाग के पास उसके खनन मजदूर होने का कोई प्रमाण नहीं है। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed