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बाधक बनी बेलखेत पहाड़ी की पूरी हुई कटिंग, अब नदी से मिल गई निजात
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टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में बेलखेत-चल्थी से गुजरते ?
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) में निर्माणाधीन बारहमासी सड़क में आवाजाही के लिए अब नदी के रास्ते नहीं आना होगा। चल्थी से बेलखेत के बीच की कटिंग का काम बृहस्पतिवार रात को पूरा कर लिया गया है। अब तक भारी-भरकम पहाड़ी की कटिंग की वजह से टनकपुर और चंपावत से आने वालों को डायवर्जन वाले मार्ग से लधिया नदी से वाहनों को आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ता था। अलबत्ता अब डायवर्जन वाले मार्ग के बजाय इस स्थान पर सीधी आवाजाही हो सकेगी। इसी के साथ कटिंग का काम टनकपुर से बाराकोट तक पूरा हो गया है।
136 किमी वाली बारहमासी सड़क में चार पैकेज के तहत नवंबर 2017 से शुरू काम को 30 नवंबर 2019 तक पूरा होना था। इसके तहत छह मीटर सड़क की चौड़ाई को 12 मीटर कर डामर किया गया। मगर, बारिश, कोरोना संक्रमण सहित अन्य कारणों से काम अभी भी पूरा नहीं हो सका है। लेकिन बृहस्पतिवार शाम को बेलखेत की 450 मीटर की खतरनाक चट्टान की कटिंग के पूरा होते ही टनकपुर से बाराकोट तक के 99 किलोमीटर की कटिंग का काम पूरा कर लिया गया है। अलबत्ता करीब तीन किमी डामर अभी बाकी है। साथ ही पैरापिट, नाली व अन्य सुरक्षागत काम भी होना है।
कोट
निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में अब चल्थी-बेलखेत के बीच डायवर्जन वाले मार्ग का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। अब वाहनों को लधिया नदी के बजाय इसी मार्ग से आवाजाही की अनुमति होगी। 15 दिन के भीतर इस क्षेत्र के डामरीकरण का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच के दो जगह रह गई कटिंग भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। - एलडी मथेला, ईई, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोहाघाट।
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136 किमी वाली बारहमासी सड़क में चार पैकेज के तहत नवंबर 2017 से शुरू काम को 30 नवंबर 2019 तक पूरा होना था। इसके तहत छह मीटर सड़क की चौड़ाई को 12 मीटर कर डामर किया गया। मगर, बारिश, कोरोना संक्रमण सहित अन्य कारणों से काम अभी भी पूरा नहीं हो सका है। लेकिन बृहस्पतिवार शाम को बेलखेत की 450 मीटर की खतरनाक चट्टान की कटिंग के पूरा होते ही टनकपुर से बाराकोट तक के 99 किलोमीटर की कटिंग का काम पूरा कर लिया गया है। अलबत्ता करीब तीन किमी डामर अभी बाकी है। साथ ही पैरापिट, नाली व अन्य सुरक्षागत काम भी होना है।
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निर्माणाधीन बारहमासी मार्ग में अब चल्थी-बेलखेत के बीच डायवर्जन वाले मार्ग का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। अब वाहनों को लधिया नदी के बजाय इसी मार्ग से आवाजाही की अनुमति होगी। 15 दिन के भीतर इस क्षेत्र के डामरीकरण का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही टनकपुर-पिथौरागढ़ के बीच के दो जगह रह गई कटिंग भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। - एलडी मथेला, ईई, राष्ट्रीय राजमार्ग खंड, लोहाघाट।
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