{"_id":"576ac4b24f1c1b456fb48013","slug":"the-administration-is-not-permitted-without-lifting-the-boulder","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन ने बिना अनुमति नहीं उठाने दिए बोल्डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन ने बिना अनुमति नहीं उठाने दिए बोल्डर
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
Updated Wed, 22 Jun 2016 10:32 PM IST
विज्ञापन
प्रशासन ने बिना अनुमति नहीं उठाने दिए बोल्डर
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी सिंचाई विभाग के शारदा हेडवर्क्स ने जिला प्रशासन से शारदा बैराज के तटबंध मरम्मत कार्य के लिए नदी से बोल्डर उठाने और नदी तट पर जेसीबी आदि मशीनें ले जाने की अनुमति मांगी है। बुधवार को बिना अनुमति बोल्डर उठाने वाले वाहनों को प्रशासन ने फिलहाल लौटा दिया।
यूपी सिंचाई विभाग द्वारा बनबसा में शारदा बैराज के पास सैलानी स्पर, सूबेदार स्पर, बेलबंद्धगोठ और डाउन स्ट्रीम स्थित तटबंध आदि का जीर्णोद्धार कार्य कराया जाना है। जिसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर नदी से बोल्डर उठाने और नदी तट पर जेसीबी आदि चलाने की अनुमति मांगी है। एसडीएम एनसी दुर्गापाल ने बताया कि अभी उक्त कार्यों के लिए प्रशासनिक स्तर पर अनुमति नहीं मिली है, लेकिन राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा और रखरखाव के लिए अनुमति दी जानी संभव है।
बता दें कि वर्ष 2013 में उफनाई शारदा नदी (करीब 5 लाख 49 हजार क्यूसेक) ने शारदा बैराज के सैलानी स्पर, सूबेदार स्पर, कालाझाला आदि को खासा नुकसान पहुंचाया था। बुधवार को शारदा नदी पर बोल्डर उठाने पहुंचे ट्रकों की सीओ राजन सिंह रौतेला ने गहन जांच भी की, लेकिन यूपी सिंचाई विभाग के ठेकेदार जिलाधिकारी के अनुमति पत्र नहीं दिखा पाए। जिसके तहत फिलहाल नदी से बोल्डर उठाने पर रोक लगाने को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
यूपी सिंचाई विभाग द्वारा बनबसा में शारदा बैराज के पास सैलानी स्पर, सूबेदार स्पर, बेलबंद्धगोठ और डाउन स्ट्रीम स्थित तटबंध आदि का जीर्णोद्धार कार्य कराया जाना है। जिसके लिए उन्होंने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर नदी से बोल्डर उठाने और नदी तट पर जेसीबी आदि चलाने की अनुमति मांगी है। एसडीएम एनसी दुर्गापाल ने बताया कि अभी उक्त कार्यों के लिए प्रशासनिक स्तर पर अनुमति नहीं मिली है, लेकिन राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा और रखरखाव के लिए अनुमति दी जानी संभव है।
विज्ञापन
बता दें कि वर्ष 2013 में उफनाई शारदा नदी (करीब 5 लाख 49 हजार क्यूसेक) ने शारदा बैराज के सैलानी स्पर, सूबेदार स्पर, कालाझाला आदि को खासा नुकसान पहुंचाया था। बुधवार को शारदा नदी पर बोल्डर उठाने पहुंचे ट्रकों की सीओ राजन सिंह रौतेला ने गहन जांच भी की, लेकिन यूपी सिंचाई विभाग के ठेकेदार जिलाधिकारी के अनुमति पत्र नहीं दिखा पाए। जिसके तहत फिलहाल नदी से बोल्डर उठाने पर रोक लगाने को कहा गया है।
विज्ञापन