{"_id":"5db86a7c8ebc3e013d653e53","slug":"technical-inspection-found-fault-in-19-vehicles-champawat-news-hld3620685169","type":"story","status":"publish","title_hn":"तकनीकी मुआयने में 19 वाहनों में मिली खामी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तकनीकी मुआयने में 19 वाहनों में मिली खामी
विज्ञापन
टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में बनलेख के पास वाहनों का फिटनेस जांचती पुलिस।
- फोटो : CHAMPAWAT
चंपावत। पुलिस और मोटर ट्रेनर एवं यातायात पुलिस ने वाहनों के फिटनेस को परखने के लिए वाहनों का तकनीकी मुआयना किया। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में बनलेख के पास 98 वाहनों का निरीक्षण किया गया। इनमें 19 वाहनों में छिटपुट खामियां मिली। इन वाहन स्वामियों को नोटिस जारी करने के साथ सुधारने के निर्देश दिए गए।
पुलिस उपाधीक्षक अविनाश वर्मा की देखरेख में यातायात पुलिस, कोतवाली, हिल पेट्रोल यूनिट की टीम ने बनलेख में 98 वाहनों का तकनीकी मुआयना किया। जिसमें 19 वाहनों में टायर, स्टेयरिंग, इंडीकेटर, ब्रेक लाइट, ब्रेक ऑयल, साइड मिरर, वाइपर आदि की कमी पाई गई। इस मौके पर पुलिस ने वाहनों का रखरखाव सही रखने, ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग नहीं करने, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करने, सीट बेल्ट पहनने की नसीहत दी।
एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि सड़क में सुरक्षित आवाजाही के लिए वाहनों का फिटनेस जरूरी है। जाड़ों के सीजन में अक्सर वाहनों में कमियां आना शुरू होती है, जिसकी चालक अक्सर अनदेखी करते हैं। जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। जांच टीम में उप निरीक्षक पिंकी धामी, हिमानी गहतोड़ी, रमेश चंद्र, मनोज कुमार, पंकज भंडारी, दुर्गानाथ, सुनील आगरी, तुलसी प्रसाद भट्ट, मुकेश उपाध्याय आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस उपाधीक्षक अविनाश वर्मा की देखरेख में यातायात पुलिस, कोतवाली, हिल पेट्रोल यूनिट की टीम ने बनलेख में 98 वाहनों का तकनीकी मुआयना किया। जिसमें 19 वाहनों में टायर, स्टेयरिंग, इंडीकेटर, ब्रेक लाइट, ब्रेक ऑयल, साइड मिरर, वाइपर आदि की कमी पाई गई। इस मौके पर पुलिस ने वाहनों का रखरखाव सही रखने, ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग नहीं करने, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करने, सीट बेल्ट पहनने की नसीहत दी।
विज्ञापन
एसपी धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि सड़क में सुरक्षित आवाजाही के लिए वाहनों का फिटनेस जरूरी है। जाड़ों के सीजन में अक्सर वाहनों में कमियां आना शुरू होती है, जिसकी चालक अक्सर अनदेखी करते हैं। जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। जांच टीम में उप निरीक्षक पिंकी धामी, हिमानी गहतोड़ी, रमेश चंद्र, मनोज कुमार, पंकज भंडारी, दुर्गानाथ, सुनील आगरी, तुलसी प्रसाद भट्ट, मुकेश उपाध्याय आदि शामिल थे।
विज्ञापन