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Champawat News: शिक्षकों को सरल प्रक्रिया में छात्रों को समझाने के गुर सिखाए
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लोहाघाट डायट में आयेजित कार्यशाला के समापन पर मौजूद विभिन्न स्थानों से आए शिक्षक।
- फोटो : LOHAGHAT
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लोहाघाट (चंपावत)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में तीन दिनी जिला स्तरीय भाषा संदर्भ समूह कार्यशाला का समापन हो गया जिसमें जिले भर के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के भाषा शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में शिक्षकों को सरल प्रक्रिया में छात्र-छात्राओं को समझाने के गुर सिखाए।
प्राचार्य डॉ. एके मिश्रा ने कार्यशाला का समापन करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं से शिक्षक समयानुसार अपडेट हो जाते हैं। डॉ. भूप सिंह धामी और डॉ. दिनेश राम ने बताया कि कार्यशालाओं के होने से स्वज्ञान प्राप्ति होती है। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. लक्ष्मी शंकर यादव ने बताया कि कार्यशाला में भाषा शिक्षण से संबंधित आने वाली समस्याओं और कठिन संबोधन पर चर्चा की गई जिसमें वर्ण, संरचना, स्वर व्यंजन, सधोष, अल्प प्रारूप, महाप्रारूप, कारक, संधि, विराम चिह्न आदि कई बिंदु शामिल रहे।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में उन्हीं शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है जिन्होंने सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में अपना प्राथमिक सहयोग दिया है। संचालन मनोहर लाल ने किया। इस मौके पर डॉ. अनीता जोशी, दीपा पांडेय, बृजेश ढेक, महेश पांडेय, नीतू गोस्वामी, कल्पना जोशी, कृष्ण कुमार, प्रमोद कर्नाटक आदि मौजूद रहे। संवाद
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प्राचार्य डॉ. एके मिश्रा ने कार्यशाला का समापन करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाओं से शिक्षक समयानुसार अपडेट हो जाते हैं। डॉ. भूप सिंह धामी और डॉ. दिनेश राम ने बताया कि कार्यशालाओं के होने से स्वज्ञान प्राप्ति होती है। कार्यशाला के समन्वयक डॉ. लक्ष्मी शंकर यादव ने बताया कि कार्यशाला में भाषा शिक्षण से संबंधित आने वाली समस्याओं और कठिन संबोधन पर चर्चा की गई जिसमें वर्ण, संरचना, स्वर व्यंजन, सधोष, अल्प प्रारूप, महाप्रारूप, कारक, संधि, विराम चिह्न आदि कई बिंदु शामिल रहे।
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उन्होंने बताया कि कार्यशाला में उन्हीं शिक्षकों को आमंत्रित किया गया है जिन्होंने सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में अपना प्राथमिक सहयोग दिया है। संचालन मनोहर लाल ने किया। इस मौके पर डॉ. अनीता जोशी, दीपा पांडेय, बृजेश ढेक, महेश पांडेय, नीतू गोस्वामी, कल्पना जोशी, कृष्ण कुमार, प्रमोद कर्नाटक आदि मौजूद रहे। संवाद
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