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Champawat News: बोरा बगड़ में हादसे का कारण बन सकता है झूला पुल
Sat, 06 Jan 2024 09:59 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Sat, 06 Jan 2024 09:59 PM IST
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चंपावत जिले के लधियाघाटी के बोरा बगड़ में क्षतिग्रस्त हाल में पहुंचा झूलापुल। संवाद
चंपावत। जिले के पाटी विकासखंड के लधिया घाटी के बोरा बगड़ में बना झूला पुल जर्जर हाल में पहुंच गया है। पुल पर वर्षो पूर्व किया गया डामर पूरी तरह से उखड़ गया है और सुरक्षा के लिए लगाई गई बाड़ भी क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीणों को झूला पुल से आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लधियाघाटी क्षेत्र के 12 से अधिक गांवों के ग्रामीण इस झूला पुल से आवाजाही करते हैं। जर्जर हाल झूला पुल पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार झूलापुल के दोनों ओर सुरक्षा के लिए कोई तारबाड़ या जाली नहीं लगी हैं। पुल पर लगे टिन भी पूरे तरह से गल चुके हैं। बरसात के समय स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ती है।
पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कुंदन सिंह ने बताया कि झूला पुल की मरम्मत के लिए कई बार शासन-प्रशासन को लिखित रूप से भी दिया जा चुका है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। पैरा लीगल वॉलिंटियर हयात राम आर्य ने भी कई बार इस मामले को अधिकारियों के सामने उठाया है। यह पुल परेवा, बिनवाल गांव, धरसों, गोलडांडा, मंगललेख, रमक, बारसी और नैनीताल जिले के कैड़ा गांव, कूकना, धेना मल्ली रौ को भी जोड़ता है।
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कोट
जिले के बोरा बगड़ में स्थित झूला पुल की मरम्मत के लिए छह लाख रुपये का स्टीमेट शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही पुल की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। - एमसी पलडिय़ा, ईई, लोनिवि, चंपावत।
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ग्रामीणों के अनुसार झूलापुल के दोनों ओर सुरक्षा के लिए कोई तारबाड़ या जाली नहीं लगी हैं। पुल पर लगे टिन भी पूरे तरह से गल चुके हैं। बरसात के समय स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ती है।
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पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कुंदन सिंह ने बताया कि झूला पुल की मरम्मत के लिए कई बार शासन-प्रशासन को लिखित रूप से भी दिया जा चुका है लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। पैरा लीगल वॉलिंटियर हयात राम आर्य ने भी कई बार इस मामले को अधिकारियों के सामने उठाया है। यह पुल परेवा, बिनवाल गांव, धरसों, गोलडांडा, मंगललेख, रमक, बारसी और नैनीताल जिले के कैड़ा गांव, कूकना, धेना मल्ली रौ को भी जोड़ता है।
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जिले के बोरा बगड़ में स्थित झूला पुल की मरम्मत के लिए छह लाख रुपये का स्टीमेट शासन को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही पुल की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। - एमसी पलडिय़ा, ईई, लोनिवि, चंपावत।