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गर्मी शुरू नहीं, मगर पेयजल को लेकर हाहाकार शुरू

Sun, 04 Mar 2018 10:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत। Updated Sun, 04 Mar 2018 10:15 PM IST
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Summer does not start, but drinking water starts hawk
People do not have water in Goralchor Mohalla after water supply from the handpumps. - फोटो : अमर उजाला

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अभी गर्मी की शुरुआत होने में अभी समय है, मगर चंपावत के कई क्षेत्रों में पेयजल का संकट गहराना शुरू हो गया है।  जिला मुख्यालय में कई जगहों में अब हर रोज पेयजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे क्षेत्रों में कोई वैकल्पिक प्रबंध भी अभी नहीं किया जा सका है।

चंपावत में हर रोज करीब 11 लाख लीटर पानी की जरूरत है, मगर इस वक्त बमुश्किल साढ़े चार लाख लीटर ही पानी मिल रहा है। कई जगह जल स्रोत सूखने से तो, कई जगह वितरण प्रणाली की विभागीय खामी लोगों के लिए मुसीबत बन रही है। गोरलचौड़, जीआईसी मोहल्ला, कनलगांव, भैरवा, मल्लीहाट, तल्लीहाट, छतार सहित कई जगह पानी अब हर रोज मिलना मुश्किल हो गया है। इन इलाकों में एक दिन छोड़कर पानी दिया जा रहा है। वहीं खड़ी बाजार, मोटर स्टेशन सहित कुछ इलाकों में वितरण की खामियों से लोगों की मुसीबत बढ़ रही है। इसके चलते लोग दूरदराज से पानी ढोने को मजबूर हैं। जल संस्थान के चंपावत के कनिष्ठ अभियंता आरसी पंत का कहना है कि रौखेत के पेयजल स्रोत में 60 प्रतिशत तक की गिरावट आने से दिक्कतें बढ़ी है।
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पानी देने के वक्त घर में सोये हैं कई पीटीसी चौकीदार
चंपावत शहर में पेयजल लाइनों के रखरखाव व पेयजल वितरण का जिम्मा पार्ट टाइम चौकीदार (पीटीसी) का हैं। जिला मुख्यालय की पेयजल आपूर्ति के लिए दस पीटीसी हैं, मगर इनमें से कई पीटीसी अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभा रहे हैं। यहां तक कि रविवार को पानी देने के वक्त एक पीटीसी को जब कुछ उपभोक्ताओं ने फोन किया, तो उनके परिवार के लोगों ने फोन पर पीटीसी के घर में सोये होने की जानकारी दी।
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चौमेल क्षेत्र में पानी को हाहाकर

लोहाघाट (चंपावत)।चौमेल क्षेत्र में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। यहां लगे तीन हैंडपंपों में से एक पंप पूरी तरह सूख चुका है, जबकि दो हैंडपंपों से साफ पानी नहीं आने से ग्रामीणों को लंबी दूरी तय कर पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने एक पखवाड़े के भीतर खराब हैंडपंप ठीक न करने और हैंडपंपों में फिल्टर नहीं लगाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

ग्राम प्रधान संजय सिंह फर्त्याल, महेश पाठक का कहना है कि क्षेत्र में पेयजल की किल्लत से लोगों को भारी दिक्कतें हो रही हैं। क्षेत्र के करीब 210 परिवारों की प्यास बुझाने के लिए यहां तीन हैंडपंप लगाए गए हैं, जिसमें से एक हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़ा है, जबकि दो अन्य हैंडपंपों से लाल पानी निकल रहा है। खराब हैंडपंप को ठीक करने और अन्य दो हैंडपंपों में फिल्टर लगाने की मांग को लेकर ग्रामीण चंपावत में आकर जल संस्थान के अधिकारियों से मिले थे। अधिकारियों ने शीघ्र समस्या का समाधान करने का भरोसा दिया था।


पांच माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन जल संस्थान ग्रामीणों की समस्या की ओर पीठ किए हुए हैं। ग्रामीण करीब दो किमी दूर पैदल जाकर ल्यूनघर से पीने के लिए पानी ढोने को मजबूर हो रहे हैं। योगेश सिंह बिष्ट, नीरज अधिकारी, ललित शर्मा, भूपाल सिंह, मदन गोस्वामी, अंबादत्त पाठक, गंगादत्त जोशी आदि ने एक पखवाड़े के भीतर हैंडपंप में आई खराबी दूर करने के साथ फिल्टर न लगाने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
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