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Champawat News: भूमि की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उपाय बताए
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लोहाघाट के ढोरजा में किसानों को जानकारियां देते केवीके के वैज्ञानिक डॉ.भूपेंद्र खड़ायत।
- फोटो : LOHAGHAT
लोहाघाट (चंपावत)। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से विकासखंड लोहाघाट के ढोरजा में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इसमें किसानों को जैविक खाद का प्रयोग करने के साथ ही मिट्टी के कटाव को कम करने और भूमि की उत्पादन क्षमता को बेहतर बनाने के उपाय बताए गए।
केंद्र प्रभारी डॉ. अमरीश सिरोही के निर्देशन में आयोजित शिविर में वैज्ञानिक डॉ. भूपेंद्र सिंह खड़ायत ने बताया कि भारत की करीब 65 फीसदी जनसंख्या कृषि पर आधारित है। किसान अधिक उत्पादन के लिए खेतों में केमिकल वाले खाद और कीटनाशक दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं जिससे भूमि की गुणवत्ता में कमी आ रही है। उन्होंने किसानों से जैविक खाद का प्रयोग करने का आह्वान किया। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. रजनी पंत ने किसानों को बेमौसमी सब्जी, नर्सरी उत्पादन और कीवी की खेती करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम सहायक फकीर चंद ने बताया कि कीटनाशक दवा खाद्य सुरक्षा, पेड़ पौधों का विकास, कीड़ों और जीवों के लिए घातक सिद्ध हो रही है जिससे भविष्य में मानव जीवन पर खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने मिट्टी के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पौध रोपण से भूमि का कटाव काफी हद तक रोका जा सकता है। लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने की बात कही। इस मौके पर ग्राम प्रधान हुकुम सिंह, ललित, राहुल, खीम सिंह, नारायण सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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केंद्र प्रभारी डॉ. अमरीश सिरोही के निर्देशन में आयोजित शिविर में वैज्ञानिक डॉ. भूपेंद्र सिंह खड़ायत ने बताया कि भारत की करीब 65 फीसदी जनसंख्या कृषि पर आधारित है। किसान अधिक उत्पादन के लिए खेतों में केमिकल वाले खाद और कीटनाशक दवाओं का प्रयोग कर रहे हैं जिससे भूमि की गुणवत्ता में कमी आ रही है। उन्होंने किसानों से जैविक खाद का प्रयोग करने का आह्वान किया। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. रजनी पंत ने किसानों को बेमौसमी सब्जी, नर्सरी उत्पादन और कीवी की खेती करने पर जोर दिया।
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कार्यक्रम सहायक फकीर चंद ने बताया कि कीटनाशक दवा खाद्य सुरक्षा, पेड़ पौधों का विकास, कीड़ों और जीवों के लिए घातक सिद्ध हो रही है जिससे भविष्य में मानव जीवन पर खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने मिट्टी के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पौध रोपण से भूमि का कटाव काफी हद तक रोका जा सकता है। लोगों को अधिक से अधिक पेड़ लगाने की बात कही। इस मौके पर ग्राम प्रधान हुकुम सिंह, ललित, राहुल, खीम सिंह, नारायण सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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