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Champawat News: वनाग्नि रोकथाम के लिए बनेंगे गीत
Thu, 08 Jan 2026 10:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 08 Jan 2026 10:39 PM IST
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चंपावत। यू-कॉस्ट की ओर से डायट लोहाघाट की विशेष पहल पर वनाग्नि जागरूकता के लिए महत्वपूर्ण शोध कार्य किया जा रहा है। शोध के तहत जागरूकता गीतों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। इन गीतों के माध्यम से वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम हो सकेगी।
शोध कार्य के प्रोग्राम इन्वेस्टिगेटर डॉ. कमल गहतोड़ी ने बताया कि प्रतिवर्ष होने वाली वनाग्नि की घटनाओं के कारणों और उनके प्रभावों का अध्ययन कर समुदाय और शिक्षा से जुड़े हित धारकों के समन्वय से इसकी रोकथाम के उपाय खोजे जा रहे हैं। यह शोध उत्तराखंड के लिए प्रभावी सिद्ध हो सकता है। शोध के प्रथम चरण में जनपद के वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों से जुड़ी बस्तियों में वनाग्नि जागरूकता सेनाओं का गठन किया गया है। विद्यालयों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है।
द्वितीय चरण में ऑडियो-विजुअल सामग्री का निर्माण हो रहा
द्वितीय चरण में वनाग्नि की रोकथाम के लिए ऑडियो-विजुअल सामग्री का निर्माण किया जा रहा है। इसमें उत्तराखंड के परिपेक्ष में वनाग्नि से बचाव के संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस सामग्री का फिल्मांकन और प्रचार-प्रसार अंतिम चरण में है। डॉ. कमल के साथ सह-कार्यक्रम इन्वेस्टिगेटर के रूप में नवीन उपाध्याय और रश्मि उपाध्याय सहयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही संस्थान के डीएलएड प्रशिक्षुओं की भी सहभागिता रही है। डॉ. गहतोड़ी ने बताया कि वनाग्नि जागरूकता से संबंधित यह सामग्री जनवरी अंत तक जारी कर दी जाएगी।
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शोध कार्य के प्रोग्राम इन्वेस्टिगेटर डॉ. कमल गहतोड़ी ने बताया कि प्रतिवर्ष होने वाली वनाग्नि की घटनाओं के कारणों और उनके प्रभावों का अध्ययन कर समुदाय और शिक्षा से जुड़े हित धारकों के समन्वय से इसकी रोकथाम के उपाय खोजे जा रहे हैं। यह शोध उत्तराखंड के लिए प्रभावी सिद्ध हो सकता है। शोध के प्रथम चरण में जनपद के वनाग्नि प्रभावित क्षेत्रों के विद्यालयों से जुड़ी बस्तियों में वनाग्नि जागरूकता सेनाओं का गठन किया गया है। विद्यालयों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है।
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द्वितीय चरण में ऑडियो-विजुअल सामग्री का निर्माण हो रहा
द्वितीय चरण में वनाग्नि की रोकथाम के लिए ऑडियो-विजुअल सामग्री का निर्माण किया जा रहा है। इसमें उत्तराखंड के परिपेक्ष में वनाग्नि से बचाव के संदेशों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस सामग्री का फिल्मांकन और प्रचार-प्रसार अंतिम चरण में है। डॉ. कमल के साथ सह-कार्यक्रम इन्वेस्टिगेटर के रूप में नवीन उपाध्याय और रश्मि उपाध्याय सहयोग कर रहे हैं। इसके साथ ही संस्थान के डीएलएड प्रशिक्षुओं की भी सहभागिता रही है। डॉ. गहतोड़ी ने बताया कि वनाग्नि जागरूकता से संबंधित यह सामग्री जनवरी अंत तक जारी कर दी जाएगी।
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