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मेरे नैना सावन भादों फिर भी मेरा मन प्यासा...
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लोहाघाट में आयोजित संगीत संध्या में किशोर दा के गीतों पर झूमते श्रोता।
- फोटो : LOHAGHAT
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संगीत प्रेमियों की ओर से प्रसिद्ध गायक किशोर कुमार की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान किशोर दा की याद में संगीत संध्या का आयोजन किया गया। विभिन्न स्थानों से आए संगीत प्रेमियों ने उनके गाए गीतों की बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर समा बांध दिया।
रविवार रात संगीत प्रेमी कमल वर्मा के आवास पर आयोजित संगीत संध्या का शुभारंभ किशोर दा के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। संगीत शिक्षक अनूप कौशल के दिशा निर्देशन में आयोजित संगीत संध्या में संगीत प्रेमियों ने किशोर दा को भारत रत्न देने की मांग उठाई। मेजबान कमल वर्मा ने मेरे नैना सावन भादों फिर भी मेरा मन प्यासा गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
सागर वर्मा ने मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू और चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना कभी अलविदा ना कहना, विजय राय ने पल-पल दिल के पास तुम रहती हो, अजय कलखुड़िया ने कोरा कागज था ये मन मेरा, जीवन गहतोड़ी ने तेरे मेरे मिलन की ये रैना, प्रिंस वर्मा ने जिंदगी एक सफर है सुहाना, यहां कल क्या हो किसने जाना, क्षितिज जुकरिया ने आ चल के तुझे में लेके चलूं आदि गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। देर रात तक श्रोता संगीत संध्या में झूमते रहे।
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हारमोनियम में संगत संगीत शिक्षक अनूप कौशल, तबले में हरिओम वर्मा और अजय कलखुड़िया ने ताल ठोकी। सोनू वर्मा, ललित लाल वर्मा, विमला वर्मा आदि ने सुर में सुर मिलाया।
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रविवार रात संगीत प्रेमी कमल वर्मा के आवास पर आयोजित संगीत संध्या का शुभारंभ किशोर दा के चित्र पर श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। संगीत शिक्षक अनूप कौशल के दिशा निर्देशन में आयोजित संगीत संध्या में संगीत प्रेमियों ने किशोर दा को भारत रत्न देने की मांग उठाई। मेजबान कमल वर्मा ने मेरे नैना सावन भादों फिर भी मेरा मन प्यासा गीत से कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
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सागर वर्मा ने मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू और चलते-चलते मेरे ये गीत याद रखना कभी अलविदा ना कहना, विजय राय ने पल-पल दिल के पास तुम रहती हो, अजय कलखुड़िया ने कोरा कागज था ये मन मेरा, जीवन गहतोड़ी ने तेरे मेरे मिलन की ये रैना, प्रिंस वर्मा ने जिंदगी एक सफर है सुहाना, यहां कल क्या हो किसने जाना, क्षितिज जुकरिया ने आ चल के तुझे में लेके चलूं आदि गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। देर रात तक श्रोता संगीत संध्या में झूमते रहे।
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हारमोनियम में संगत संगीत शिक्षक अनूप कौशल, तबले में हरिओम वर्मा और अजय कलखुड़िया ने ताल ठोकी। सोनू वर्मा, ललित लाल वर्मा, विमला वर्मा आदि ने सुर में सुर मिलाया।