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तो इस बार भाजपा तोड़ेगी चंपावत सीट पर टिकट का मिथक

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 05 Dec 2021 11:36 PM IST
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So this time BJP will break the myth of ticket on Champawat seat
So this time BJP will break the myth of ticket on Champawat seat
चंपावत। वर्ष 2017 में भाजपा को चंपावत सीट पर धमाकेदार जीत मिली थी। पार्टी प्रत्याशी कैलाश गहतोड़ी ने रिकॉर्ड 17360 मतों से इस सीट को जीता था लेकिन भाजपा की इस जोरदार जीत के बावजूद टिकट पर संशय है। इसकी बड़ी वजह यहां से पार्टी का हर बार नया प्रत्याशी मैदान में उतारना रहा है। क्या इस बार इस इतिहास में कोई बदलाव आएगा?
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उत्तराखंड बनने के बाद चंपावत विधानसभा सीट पर 2002 से 2017 तक भाजपा ने कभी भी किसी प्रत्याशी को दोबारा टिकट नहीं दिया। विधानसभा के पहले चुनाव में बाराकोट क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता हयात सिंह माहरा को टिकट मिला। हार के बाद उन्हें फिर कभी टिकट नहीं मिला। वर्ष 2007 में बीना महराना ने भाजपा को जीत दिलाई लेकिन मंत्री बनने के बाद 2012 में उनका टिकट भी कट गया। राज्य के तीसरे विधानसभा चुनाव में तत्कालीन जिलाध्यक्ष हेमा जोशी को प्रत्याशी बनाया गया और 2017 में चौथे चुनाव में भाजपा ने कैलाश गहतोड़ी पर भरोसा जताया लेकिन पार्टी के भरोसेमंद सूत्र बताते हैं कि उनकी रिकॉर्ड जीत के बावजूद टिकट को लेकर असमंजस है।
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ज्यादातर वक्त काशीपुर रहने और अपने निर्वाचन क्षेत्र चंपावत में गैर मौजूदगी का खुला आरोप आम आदमी पार्टी ही नहीं, उनके खिलाफ पार्टी के भीतर बड़ा मुद्दा रहा है। पार्टी के भीतर उनके विरोधियों का आरोप है कि उनकी आम लोगों तक पहुंच नहीं होने का नुकसान पार्टी की लोकप्रियता पर पड़ रहा है। इस बात को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया गया है।
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कोविड के दौर को छोड़ वे ज्यादातर वक्त चंपावत क्षेत्र में ही रहे। और जब दूर थे, तब भी फोन या सोशल मीडिया के जरिये दुखदर्द में सहभागी रहे। ऐसे में उन पर अनुपस्थित रहने का आरोप गलत है।

- कैलाश गहतोड़ी, विधायक।
चंपावत के भाजपा प्रत्याशी
वर्ष प्रत्याशी
2002 हयात सिंह माहरा।
2007 बीना महराना।
2012 हेमा जोशी।
2017 कैलाश गहतोड़ी।
ये हैं भाजपा के मुख्य दावेदार
:- दीपक पाठक : भाजपा जिलाध्यक्ष एवं संघ पृष्ठभूमि के नेता। पहाड़-मैदान वाली चंपावत सीट पर अच्छा प्रभाव।
:- एडवोकेट शंकर पांडेय : पूर्व जिलाध्यक्ष और वर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य। अच्छी छवि वाला ब्राह्मण चेहरा।
:- गोविंद सिंह सामंत : भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष, भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री। छात्रसंघ अध्यक्ष से लेकर जिला पंचायत सदस्य रह चुके हैं। पहाड़-मैदान दोनों जगह व्यापक जनाधार वाला युवा चेहरा।
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