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तो प्लास्टिक का चावल चंपावत भी पहुंचा
अमर उजाला ब्यूरो चंपावत
Updated Thu, 15 Jun 2017 10:50 PM IST
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कथित प्लास्टिक के चावल देखते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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बीते कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया में छाए प्लास्टिक के चावल जिला मुख्यालय भी पहुंच गए हैं। एक बैंक कर्मचारी को खाने के दौरान चावल को लेकर शक हुआ तो उसने पकाए चावल के दाने को मसल कर देखा तो उसका शक यकीन में बदल गया। बैंककर्मी इस मामले की पुलिस अथवा खाद्य सुरक्षा विभाग में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है।
बैंक कर्मचारी के अनुसार उन्होंने करीब पांच दिन पूर्व मुख्यालय की एक दुकान से पांच किलो चावल खरीदा था। जब वह उस चावल को पकाने के बाद खा रहे थे तभी उन्होंने चावल के एक पके हुए दाने अंगुलियों से दबाया। चावल के दाने को दबाने पर वह रबर की तरह पिचकने लगा। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के चावल की पहचान के लिए वाट्सऐप पर आए एक मेसेज को देखा। उसमें दिखाया गया था कि यह चावल पकने के बाद गोला बनाने पर रबर की गेंद की तरह उछलता है।
उन्होंने पके चावल का गोला बनाकर फर्श पर फेंका तो वह गेंद की तरह उछलने लगा। वह चावल के गोले को बैंक ले आए और अपने अधिकारियों और सहकर्मियों को दिखाया। उन्होंने बताया कि पूरी तरह से प्लास्टिक का चावल होने की पुष्टि न होने के कारण इसकी शिकायत नहीं की है। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी का कहना है कि अभी तक मेरे संज्ञान में इस तरह का कोई मामला नहीं आया है। अलबत्ता एक अभियान चलाकर दुकानों से चावल के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। बहरहाल प्लास्टिक के चावल को लेकर बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
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बैंक कर्मचारी के अनुसार उन्होंने करीब पांच दिन पूर्व मुख्यालय की एक दुकान से पांच किलो चावल खरीदा था। जब वह उस चावल को पकाने के बाद खा रहे थे तभी उन्होंने चावल के एक पके हुए दाने अंगुलियों से दबाया। चावल के दाने को दबाने पर वह रबर की तरह पिचकने लगा। उन्होंने बताया कि प्लास्टिक के चावल की पहचान के लिए वाट्सऐप पर आए एक मेसेज को देखा। उसमें दिखाया गया था कि यह चावल पकने के बाद गोला बनाने पर रबर की गेंद की तरह उछलता है।
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उन्होंने पके चावल का गोला बनाकर फर्श पर फेंका तो वह गेंद की तरह उछलने लगा। वह चावल के गोले को बैंक ले आए और अपने अधिकारियों और सहकर्मियों को दिखाया। उन्होंने बताया कि पूरी तरह से प्लास्टिक का चावल होने की पुष्टि न होने के कारण इसकी शिकायत नहीं की है। इस संबंध में खाद्य सुरक्षा अधिकारी योगिता तिवारी का कहना है कि अभी तक मेरे संज्ञान में इस तरह का कोई मामला नहीं आया है। अलबत्ता एक अभियान चलाकर दुकानों से चावल के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। बहरहाल प्लास्टिक के चावल को लेकर बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
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