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एनजीटी में पहुंचा सेलाखोला में धुएं का मामला

Fri, 30 Mar 2018 10:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत। Updated Fri, 30 Mar 2018 10:29 PM IST
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Smoke case in Sailakhola, reaching NGT
चंपावत सर्किट हाउस में जंगल के बीच बनाया ट्रंचिंग ग्राउंड। - फोटो : अमर उजाला
 जिला मुख्यालय से लगी सेलाखोला वन पंचायत में सड़क के किनारे स्थित नगर पालिका के अस्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड में लगने वाली आग से उठने वाले धुएं का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में पहुंच गया है। सेलाखोला के वन पंचायत सरपंच कैलाश सिंह अधिकारी ने अस्थाई कूड़ा निस्तारण स्थल को हटाने के लिए एनजीटी में गुहार लगाई है।
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 सरपंच का कहना है कि कूड़ा निस्तारण स्थल पर अनियोजित तरीके से कूड़ा और मृत जानवर फेंके जाते हैं। कूड़ा निस्तारण करने के बजाए नगरपालिका द्वारा कूड़े के बड़े ढेर लगाकर उसमें आग लगा दी जाती है। यह आग कई दिनों तक वातावरण में जहरीला घोलती है। इससे संपूर्ण क्षेत्र की हवा दूषित हो रही है। इससे बुरांश, बांज व अन्य प्रजातियों के पेड़ों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने एनजीटी से पालिका के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
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आग बुझाने के प्रयासों से हो रहा है ज्यादा नुकसान
चंपावत। नगरपालिका की ओर से अस्थाई ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़े के ढेर में लगने वाली आग बुझाने के लिए बड़ी मात्रा में पानी का इस्तेमाल किया जाता है। यह पानी कूड़े को अपने साथ बहाकर नीचे जल स्रोतों तक पहुंचा रहा है। इससे जल स्रोतों का पानी भी दूषित हो रहा है।
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कई अन्य अधिकारियों को भेजी गई हैं पत्र की प्रतियां
चंपावत। सेलाखोला के वन पंचायत सरपंच कैलाश सिंह अधिकारी ने एनजीटी के अलावा कई अन्य अधिकारियों को भी कूड़ा स्थल निस्तारण के संबंध में पत्र की प्रतियां भेजी हैं। जिसमें वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के निदेशक, राज्य के मुख्य पर्यावरण अधिकारी और डीएम आदि आला अधिकारी शामिल हैं।


सर्किट हाउस के गेट के पास बना है अस्थायी ट्रंचिंग ग्राउंड
चंपावत। जिला मुख्यालय से करीब डेढ़ किमी की दूरी पर स्थित अस्थाई ट्रचिंग ग्राउंड सर्किट हाउस के गेट के पास ही बना है। एक साल पहले जिले के दौरे पर आई मानवाधिकार आयोग की टीम ने भी इसको अन्यत्र शिफ्ट किए जाने के निर्देश दिए थे, लेकिन तब से आज तक ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन की तलाश पूरी नहीं हो सकी है।
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