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झोपड़ी बनाने के लिए बड़ोली में काट दिए छह पेड़
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चंपावत। बड़ोली गांव में मजदूरों की झोपड़ी बनाने के लिए छह पेड़ काट डाले गए। ये मजदूर क्षेत्र के आसपास होने वाले निर्माण कार्य के लिए गांव गए थे। पेड़ों के कटे ठूंठों का वीडियो वायरल होने के बाद ये मामला उजागर हुआ। जिसके बाद रविवार को वन विभाग की टीम ने मौका मुआयना किया, लेकिन अभी यह पता नहीं चल सका है कि ये पेड़ किसने कटवाए।
यहां से करीब 29 किमी दूर बड़ोली गांव में साल के दो और चीड़ के चार पेड़ काट डाले गए। ये पेड़ कब कटे, इसका पता नहीं चल सका। अलबत्ता वीडियो वायरल होने से ये मामला सामने आया। इसके बाद रविवार को वन विभाग ने वन दरोगा चतुर सिंह के नेतृत्व में एक टीम को मौका मुआयने के लिए बड़ोली भेजा। वन दरोगा ने बताया कि मौके पर छोटे आकार के छह पेड़ के कटे होने की पुष्टि हुई है। ये पेड़ मजदूरों के लिए झोपड़ी बनाने को काटे गए हैं। ये पेड़ आरक्षित वन क्षेत्र में नहीं हैं, लेकिन अभी ये पता नहीं चला कि कटे पेड़ वन पंचायत में हैं या सिविल वन में। पेड़ कब कटे हैं, इसका भी खुलासा नहीं हो सका है।
कोट
मामले की जानकारी लगने पर वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया। आरक्षित वन क्षेत्र का जंगल नहीं होने की पुष्टि होने के बाद अब राजस्व विभाग से निरीक्षण करने का आग्रह किया गया है। उनकी आख्या के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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केआर टम्टा,
वन क्षेत्राधिकारी, चंपावत।
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यहां से करीब 29 किमी दूर बड़ोली गांव में साल के दो और चीड़ के चार पेड़ काट डाले गए। ये पेड़ कब कटे, इसका पता नहीं चल सका। अलबत्ता वीडियो वायरल होने से ये मामला सामने आया। इसके बाद रविवार को वन विभाग ने वन दरोगा चतुर सिंह के नेतृत्व में एक टीम को मौका मुआयने के लिए बड़ोली भेजा। वन दरोगा ने बताया कि मौके पर छोटे आकार के छह पेड़ के कटे होने की पुष्टि हुई है। ये पेड़ मजदूरों के लिए झोपड़ी बनाने को काटे गए हैं। ये पेड़ आरक्षित वन क्षेत्र में नहीं हैं, लेकिन अभी ये पता नहीं चला कि कटे पेड़ वन पंचायत में हैं या सिविल वन में। पेड़ कब कटे हैं, इसका भी खुलासा नहीं हो सका है।
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कोट
मामले की जानकारी लगने पर वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया। आरक्षित वन क्षेत्र का जंगल नहीं होने की पुष्टि होने के बाद अब राजस्व विभाग से निरीक्षण करने का आग्रह किया गया है। उनकी आख्या के बाद ही आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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केआर टम्टा,
वन क्षेत्राधिकारी, चंपावत।