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Champawat News: सचिव की सख्ती के बाद दिखाई इच्छाशक्ति
Fri, 13 Oct 2023 11:06 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 13 Oct 2023 11:06 PM IST
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टनकपुर उप जिला अस्पताल का आईसीयू। संवाद
टनकपुर (चंपावत)। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर राजेश कुमार का चंपावत जिले का दौरा रंग लाया। उनके सख्त आदेश पर टनकपुर अस्पताल के सघन निगरानी इकाई (आईसीयू) में दो साल से लगे ताले खुल गए हैं। अब यहां स्टाफ भी तैनात कर दिया गया है। इससे आईसीयू के जरूरतमंद मरीजों को दूर नहीं जाना पड़ेगा।
टनकपुर में वर्ष 2021 में पांच शैय्या वाला आईसीयू बनाया गया था लेकिन उद्घाटन के बावजूद कार्मिकों की कमी के कारण इस इकाई को संचालित नहीं किया जा सका। स्वास्थ्य सचिव ने आठ अक्तूबर को अस्पताल का निरीक्षण किया था।
तब दिए गए उनके निर्देश पर शुक्रवार को टनकपुर आईसीयू शुरू हो गया है। इसके लिए खनन न्यास कोष से नौ स्टाफ नर्स और दो पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है। निश्चेतक डॉ. कार्तिक को आईसीयू प्रभारी बनाया गया है। स्वयंसेवी के रूप में फिजिशियन डॉ. भावेश भी सहयोग कर रहे हैं।
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वहीं टनकपुर अस्पताल के चिकित्सकों को आईसीयू संचालन का बेसिक प्रशिक्षण देने के लिए चंपावत के एक फिजिशियन को भेजा जा रहा है। अब चंपावत जिले के तीनों आईसीयू सक्रिय हैं।
कोट
टनकपुर का आईसीयू शुक्रवार से संचालित हो गया है। इसके लिए खनन न्यास से नौ स्टाफ नर्स की तैनाती की गई है। चार पर्यावरण मित्रों की भी तैनाती की जा रही है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. यशमोहन सोनी टनकपुर के चिकित्सकों को आईसीयू संचालन का 15 दिवसीय बेसिक प्रशिक्षण देंगे। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
काश! पहले चेत गए होते
टनकपुर आईसीयू तैयार होने के दो साल तक स्टाफ, जरूरी उपकरणों और स्वास्थ्य सुविधाओं के नहीं होने से शुरू नहीं हो पाया। स्वास्थ्य सचिव के सख्त निर्देश के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया और पांच दिन बाद आईसीयू के लिए जरूरी उपकरणों के साथ ही स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। आईसीयू की मंजूरी के साथ ही अगर स्वास्थ्य महकमा इसे गंभीरता से लेता तो इन दो वर्षों में कई मरीजों को इलाज मिलता और कईयों की जान को भी बचाया जा सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आईसीयू के अभाव में इन दो वर्षों में कई लोगों को इलाज के अभाव में जान से हाथ धोना पड़ा। आईसीयू का संचालन शुरू हो जाता तो कई गरीब और निर्धन लोगों को इलाज मिल जाता और उन्हें असमय जाम नहीं गंवानी पड़ती। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों की लचर कार्य प्रणाली के कारण दो साल तक आईसीयू शुरू नहीं हो पाया। आठ अक्तूबर को दौरे पर आए स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार के सख्त निर्देश कि कहीं से भी लाओ, आईसीयू शुरू करो के आदेश पर हरकत में आए अधिकारियों ने आनन-फानन स्टाफ की तैनाती कर दी।
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टनकपुर में वर्ष 2021 में पांच शैय्या वाला आईसीयू बनाया गया था लेकिन उद्घाटन के बावजूद कार्मिकों की कमी के कारण इस इकाई को संचालित नहीं किया जा सका। स्वास्थ्य सचिव ने आठ अक्तूबर को अस्पताल का निरीक्षण किया था।
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तब दिए गए उनके निर्देश पर शुक्रवार को टनकपुर आईसीयू शुरू हो गया है। इसके लिए खनन न्यास कोष से नौ स्टाफ नर्स और दो पर्यावरण मित्रों की तैनाती की गई है। निश्चेतक डॉ. कार्तिक को आईसीयू प्रभारी बनाया गया है। स्वयंसेवी के रूप में फिजिशियन डॉ. भावेश भी सहयोग कर रहे हैं।
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वहीं टनकपुर अस्पताल के चिकित्सकों को आईसीयू संचालन का बेसिक प्रशिक्षण देने के लिए चंपावत के एक फिजिशियन को भेजा जा रहा है। अब चंपावत जिले के तीनों आईसीयू सक्रिय हैं।
कोट
टनकपुर का आईसीयू शुक्रवार से संचालित हो गया है। इसके लिए खनन न्यास से नौ स्टाफ नर्स की तैनाती की गई है। चार पर्यावरण मित्रों की भी तैनाती की जा रही है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. यशमोहन सोनी टनकपुर के चिकित्सकों को आईसीयू संचालन का 15 दिवसीय बेसिक प्रशिक्षण देंगे। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
काश! पहले चेत गए होते
टनकपुर आईसीयू तैयार होने के दो साल तक स्टाफ, जरूरी उपकरणों और स्वास्थ्य सुविधाओं के नहीं होने से शुरू नहीं हो पाया। स्वास्थ्य सचिव के सख्त निर्देश के बाद स्वास्थ्य महकमा हरकत में आया और पांच दिन बाद आईसीयू के लिए जरूरी उपकरणों के साथ ही स्टाफ की तैनाती कर दी गई है। आईसीयू की मंजूरी के साथ ही अगर स्वास्थ्य महकमा इसे गंभीरता से लेता तो इन दो वर्षों में कई मरीजों को इलाज मिलता और कईयों की जान को भी बचाया जा सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि आईसीयू के अभाव में इन दो वर्षों में कई लोगों को इलाज के अभाव में जान से हाथ धोना पड़ा। आईसीयू का संचालन शुरू हो जाता तो कई गरीब और निर्धन लोगों को इलाज मिल जाता और उन्हें असमय जाम नहीं गंवानी पड़ती। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारियों की लचर कार्य प्रणाली के कारण दो साल तक आईसीयू शुरू नहीं हो पाया। आठ अक्तूबर को दौरे पर आए स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार के सख्त निर्देश कि कहीं से भी लाओ, आईसीयू शुरू करो के आदेश पर हरकत में आए अधिकारियों ने आनन-फानन स्टाफ की तैनाती कर दी।