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नए भवन में शिफ्ट हुआ कस्टम कार्यालय
विनोद काला/अमर उजाला, बनबसा
Updated Tue, 15 Sep 2015 10:24 PM IST
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आखिर लंबे समय के बाद भारत-नेपाल सीमा पर भारतीय कस्टम विभाग का आलीशान भवन बनकर तैयार हो गया है। विभाग ने बाकायदा नए भवन में कार्य करना संचालित कर दिया है।
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वर्ष 1665 में नेपाल के महेंद्रनगर की स्थापना के बाद इस सीमा पर भारत-नेपाल के बीच आवागमन और वैधानिक व्यापार के लिए भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा कस्टम विभाग की जांच चौकी स्थापित की गई थी। अब तक विभाग की जांच चौकी झोपड़ी में संचालित हो रही थी। दो बार सीमा शुल्क चौकी आग की चपेट में भी आ गई थी। लंबे समय से यहां कस्टम विभाग के पक्के भवन की मांग चल रही थी। अब सीपीडब्ल्यूडी द्वारा करीब 56 लाख रुपये में बॉर्डर पर नया भवन तैयार किया गया है, जो आधुनिक तकनीक पर फाइबर टेक्नालाजी से भूकंपरोधी और फायरप्रूफ है।
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नया भवन फोल्डिंग भी है, जरूरत पड़ने पर अन्यत्र भी शिफ्ट किया जा सकेगा। सुरक्षा और चौकसी के तहत नवनिर्मित भवन में जगह-जगह सीसी कैमरे लगाए गए हैं। कस्टम अधीक्षक पीयूष पांडेय ने बताया कि दोनों देशों के बीच बनबसा लैंड कस्टम स्टेशन (एलसीएस) ही एकमात्र वैधानिक मार्ग है। इसके दाएं-बाएं से चोरी-छिपे निकलने वाला सामान सीज किए जाने के निर्देश हैं। बताया कि जल्द ही विभाग के बड़े अधिकारी विधिवत नए भवन का उद्घाटन करेंगेे।
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जब्त किया जाता है थर्ड कंट्री का सामान
बनबसा स्थित कस्टम विभाग का मूल कार्य भारत-नेपाल के बीच होने वाले ट्रेड का संचालन करना है। यहां से थर्ड कंट्री के सामान को जब्त करने का प्रावधान है। यही नहीं नेपाल से भारत होते हुए नेपाल भेजे जाने वाले नेपाली वैधानिक सामान को भी भारतीय कस्टम की जांच से गुजरना पड़ता है।