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Champawat News: छुट्टी के दिनों में छात्रों का सामान्य ज्ञान बढ़ाते हैं शिक्षक पचौली
Fri, 03 Mar 2023 11:02 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Fri, 03 Mar 2023 11:02 PM IST
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पाटी (चंपावत)। बिसारी राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं के लिए रविवार छुट्टी का दिन नहीं, बल्कि अधिकांश रविवार आम दिनों की तरह ही पढ़ाई वाला दिन रहता है। यह पढ़ाई न विषयों की होती है और न पाठ्यक्रम की। रविवार को यहां सामान्य ज्ञान, वाद-विवाद, भाषण, लोक नृत्य, नाटक, कविता, बेटी बचाओ और नशामुक्ति अभियान की सीख दी जाती है। इन सब रचनात्मक गतिविधियों को अंजाम देते हैं शिक्षक रवीश चंद्र पचौली।
सीईओ आरसी पुरोहित का कहना है कि शिक्षक पचौली को अच्छा कार्य करने पर यह सम्मान मिला है। शिक्षक रवीश चंद्र पचौली को 2022 के लिए शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। हर रोज प्रार्थना सभा में समाचार पत्रों के जरिए प्रमुख घटनाओं की जानकारी छात्र-छात्राओं को दी जाती है। शिक्षक पचौली की पहल का नतीजा है कि स्कूल के छात्र-छात्राएं कई जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं। ऐसे ही रचनात्मक कार्यों के लिए वह इससे पूर्व 2015 में राज्यपाल पुरस्कार और 2016 में स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से भी नवाजे जा चुके हैं।
खुद करके सिखाने की शैली से छात्र संख्या भी बढ़ी
पाटी (चंपावत)। स्कूल की इसी खूबी के चलते यहां की छात्र संख्या भी बढ़ी है। शिक्षक पचौली के कार्यों से प्रेरित होकर दूसरे गांवों के बच्चे भी यहां आ रहे हैं। अधिगम स्तर की जांच कर उनके स्तर के अनुकूल पाठ योजना तैयार कर दबाव रहित वातावरण में शिक्षण कार्य करते हैं। स्वच्छ भारत मिशन की पंजिका में हर दिन की साफ -सफाई का विवरण, शिक्षक डायरी में हर रोज होने वाली पढ़ाई का ब्यौरा रखा जाता है। विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को पढ़ाने के उपाय के साथ हर छात्र की अलग से पुस्तिका बनाई गई है। निर्धन छात्रों के लिए कॉपियां, पेन आदि देना भी शिक्षक की दिनचर्या में शुमार है। शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले 15 छात्रों को पिछले साल प्रति छात्र 250 रुपये का पुरस्कार दे प्रेरित किया गया। ये सिलसिला 2014 से शुरू किया गया है।
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सीईओ आरसी पुरोहित का कहना है कि शिक्षक पचौली को अच्छा कार्य करने पर यह सम्मान मिला है। शिक्षक रवीश चंद्र पचौली को 2022 के लिए शैलेश मटियानी राज्य शैक्षिक पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। हर रोज प्रार्थना सभा में समाचार पत्रों के जरिए प्रमुख घटनाओं की जानकारी छात्र-छात्राओं को दी जाती है। शिक्षक पचौली की पहल का नतीजा है कि स्कूल के छात्र-छात्राएं कई जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में बेहतरीन प्रदर्शन करते हैं। ऐसे ही रचनात्मक कार्यों के लिए वह इससे पूर्व 2015 में राज्यपाल पुरस्कार और 2016 में स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार से भी नवाजे जा चुके हैं।
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खुद करके सिखाने की शैली से छात्र संख्या भी बढ़ी
पाटी (चंपावत)। स्कूल की इसी खूबी के चलते यहां की छात्र संख्या भी बढ़ी है। शिक्षक पचौली के कार्यों से प्रेरित होकर दूसरे गांवों के बच्चे भी यहां आ रहे हैं। अधिगम स्तर की जांच कर उनके स्तर के अनुकूल पाठ योजना तैयार कर दबाव रहित वातावरण में शिक्षण कार्य करते हैं। स्वच्छ भारत मिशन की पंजिका में हर दिन की साफ -सफाई का विवरण, शिक्षक डायरी में हर रोज होने वाली पढ़ाई का ब्यौरा रखा जाता है। विशेष आवश्यकता वाले छात्रों को पढ़ाने के उपाय के साथ हर छात्र की अलग से पुस्तिका बनाई गई है। निर्धन छात्रों के लिए कॉपियां, पेन आदि देना भी शिक्षक की दिनचर्या में शुमार है। शत-प्रतिशत उपस्थिति वाले 15 छात्रों को पिछले साल प्रति छात्र 250 रुपये का पुरस्कार दे प्रेरित किया गया। ये सिलसिला 2014 से शुरू किया गया है।
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