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अंधड़ से ध्वस्त हुई सेरी की योजना, जल संकट गहराया

Sun, 06 May 2018 10:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूराे लोहाघाट (चंपावत)।
अमर उजाला ब्यूराे लोहाघाट (चंपावत)। Updated Sun, 06 May 2018 10:24 PM IST
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Serie's plan collapses from the storm, deepens the water crisis
बैडाओड के सेरी तोक में मलबे में दबी पेयजल योजना के पाइपों को निकालते ग्रामीण। - फोटो : अमर उजाला
 बाराकोट विकासखंड के बैड़ाओड़ ग्राम पंचायत के सेरी तोक की पेयजल योजना अंधड़ और भारी बारिश से ध्वस्त हो गई है। इससे गांव में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीणों को लंबी पैदल दूरी तय कर गधेरों से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है। ग्रामीण खुद भी योजना के दबे पाइपों को निकालने का प्रयास कर रहे हैं। अलबत्ता परेशान ग्रामीणों ने शीघ्र पेयजल योजना चालू नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।      
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बैड़ाओड़ के ग्राम प्रधान बलदेव प्रसाद, सरपंच विनोद प्रसाद, संजय कुमार, भवान विश्वकर्मा, सुरेश, जगजीवन, दीपक तिवारी, नरेश कुमार, मुकेश कुमार, जोत प्रकाश, ललित प्रसाद, निर्मल कुमार, होशियार लाल, मंजू देवी, दीपा देवी, पार्वती देवी, जानकी देवी आदि ग्रामीणों का कहना है कि अनुसूचित बस्ती सेरी तोक के लिए बनी एकमात्र पेयजल भारी वर्षा के साथ आए मलबे में दबकर ध्वस्त हो गई है। जिसके चलते उन्हें दो तीन किमी दूर गधेरों से पानी ढोने को मजबूर होना पड़ रहा है। करीब दस वर्ष पूर्व गांव में ग्राम पंचायत योजना से पेयजल योजना का निर्माण किया गया था। जिससे करीब 52 परिवार लाभान्वित होते हैं। इधर जल संस्थान के अभियंता चंद्रशेखर पंत का कहना है कि इस योजना के रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की है।  
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अंधड़ से अनुसंधान रेंज में जड़ी बूटियां हुई बर्बाद
लोहाघाट (चंपावत)। पिछले सप्ताह आए भारी अंधड़ व वर्षा के कारण वन अनुसंधान रेंज में भारी नुकसान हुआ है। यहां लाखों रुपये से बने ग्रीन हाउस ध्वस्त होने से उसमें उगाई गई जड़ी-बूटियां बर्बाद हो गई हैं।
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वन क्षेत्राधकारी केआर टम्टा ने बताया कि अंधड़ के कारण अनुसंधान रेंज में करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अंधड़ के कारण चीड़ के पांच पेड़ केंद्र के ग्रीन हाउस आ गिरे। इससे ग्रीन हाउस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। केंद्र में लगाए गए तेजपात के एक हजार पौध, सफेद मूसली, जंबू, इसबगुल, वज्रदंती आदि के पौधों के अलावा रायजिंग वाल और जैविक खाद के पिट क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जिसकी सूचना उनके द्वारा उच्चाधिकारियों को दे दी गई है।
 
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