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हिमालय की लंबी शृंखला देखनी है, तो यहां आएं

Sun, 22 May 2016 10:37 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत
ब्यूराे/अमर उजाला, चंपावत Updated Sun, 22 May 2016 10:37 PM IST
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See the long range of the Himalayas, then come here
हिमालय की लंबी शृंखला देखनी है तो यहां आएं - फोटो : अमर उजाला

 करीब 1700 मीटर की ऊंचाई पर स्थित एबटमांउट सैलानियों के लिए कुदरती सौंदर्य का विहंगम नजारा पेश करता है। इस स्थान की सबसे खास खूबी हिमालय दर्शन है। यहां से हिमालय की सबसे लंबी शृृंखला के दीदार किए जा सकते हैं। नेपाल के एक हिस्से से लेकर बदरीनाथ तक की पर्वत शृृंखला में पंचाचूली, नंदाकोट, नंदाखाट, चौखंभा, नंदा देवी की चोटी आदि तक के नजारों को देखने का लुत्फ यहां से उठाया जा सकता है। विशेषकर सूर्योदय और सूर्यास्त के वक्त यहां की प्राकृतिक छटा अद्भुत है। जल्द ही ईको हट के जरिए पर्यटकों को सूर्योदय के साथ हिमालय के दिव्य दर्शन कराया जाएगा।

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इस इलाके की खूबसूरती के मद्देनजर यहां पर्यावरण के अनुकूल ईको लॉग हट बनाए गए हैं। इन ईको हटों का निर्माण बेहद खास लकड़ी से किया गया है। इसका निर्माण करने वाली संस्था सीएनडीएस के इंजीनियर बीसी जोशी बताते हैं कि हटों का निर्माण यूरोप से मंगाई गई खास लकड़ी से किया गया है। इन हटों को रसायनों में शोधित कर हल्का और काफी टिकाऊ बनाया गया है। आठ ईको हट, एक बहुउद्देश्यीय भवन के अलावा सुरम्य खेल का मैदान है, जो चारों ओर से हरियाली से घिरा है। एक साथ 16 लोग यहां ठहर सकते हैं।
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जिला पर्यटन अधिकारी आरएस ऐरी का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एबटमाउंट कुमाऊं के नए पर्यटन केंद्र के रूप में सामने आएगा। जाड़ों में अक्तूबर-नवंबर और गर्मियों में जून के महीने में हिमदर्शन का खास आनंद है। इस दौरान हिमालय बेहद करीब नजर आता है।
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इंतजार है व्यू प्वाइंट निर्माण का
सैलानियों के लिए एबटमाउंट आकर्षण का केंद्र है। पहाड़ पर मार्च से जून तक मौसम बेहद खुशगवार होता है, लेकिन भीषण गर्मी में शीतलता का अहसास कराने वाले इस इलाके में सैलानी नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसकी वजह यहां चल रही पर्यटन परियोजना का अभी तक अधूरा रहना है। भारत सरकार की पर्यटन परियोजना में इसके लिए 4.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अंतर्गत यहां 8 ईको हट और व्यू प्वाइंट, चहारदीवारी और एबटमाउंट तक का मार्ग निर्माण बाकी है। ईको हट तो दिसंबर 2014 में ही बन गए। पर इसके बाद से अब तक दो व्यू प्वाइंट नहीं बनाए जा सके। कार्यदाई संस्था सीएनडीएस के इंजीनियर बीसी जोशी का कहना है कि विभाग को निर्माण के लिए 3.95 करोड़ रुपये ही मिल सके हैं। इस रकम से 8 ईको हट और बहुउद्देश्यीय हॉल का निर्माण किया जा चुका है। धन नहीं मिलने से आगे का काम शुरू नहीं हो पा रहा है।



इस तरह पहुंचा जा सकता है एबटमाउंट
एबटमाउंट की जिला मुख्यालय से दूरी महज 20 किलोमीटर है। एबटमाउंट जाने के लिए 13 किमी दूर लोहाघाट जाना पड़ता है। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर स्थित एबटमाउंट लोहाघाट से 7 किमी दूर है।

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