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खेतीखान में सुरक्षा गार्ड ने बैंक कैशियर
अमर उजाला ब्यूराे चंपावत।
Updated Fri, 16 Mar 2018 10:45 PM IST
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दोहरे हत्याकांड के बाद खेतीखान बाजार में पसरा सन्नाटा।
- फोटो : अमर उजाला
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खेतीखान में सहकारी बैंक की शाखा में तैनात सुरक्षा गार्ड ने शुक्रवार सुबह कैशियर और चपरासी की गोली मारकर हत्या कर दी। शराब के नशे में धुत सुरक्षा गार्ड दिनेश सिंह बोहरा ने पहले तो बैंक के भीतर कैशियर ललित सिंह बिष्ट को गोली मारी, उसके बाद बैंक से करीब सौ मीटर की दूरी पर स्थित एक दुकान के बाहर बैठे बैंक के चपरासी राजेंद्र वर्मा के सिर पर नजदीक से गोली मार दी। इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी बंदूक लहराते हुए फरार हो गया। बैंक खुलने के साथ ही हुए इस दोहरे हत्याकांड से खेतीखान बाजार में सनसनी फैल गई। राजस्व पुलिस ने वारदात के तीन घंटे बाद आरोपी को मानर स्थिति उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में उसने बैंक कर्मियों से किसी बात को लेकर बृहस्पतिवार को विवाद होने की बात कही है लेकिन यह नहीं बता सका कि विवाद क्या था।
खेतीखान स्थित सहकारी बैंक शुक्रवार को सुबह 9:45 बजे खुला। पुलिस के अनुसार करीब 10 बजकर एक मिनट पर बैंक के सुरक्षा गार्ड मानर निवासी दिनेश सिंह बोहरा ने बैंक में कैशियर ललित सिंह बिष्ट को गोली मार दी। इसके दस मिनट बाद दिनेश ने बैंक से सौ मीटर दूर दुकान में बैठे बैंक के चपरासी राजेंद्र वर्मा के सिर पर गोली मारी। दोहरे हत्याकांड के कुछ ही देर बाद पूरा बाजार बंद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों की सूचना पर लोहाघाट थाना प्रभारी बीएस बृजवाल साढे़ दस बजे घटनास्थल पर पहुंचे। कुछ समय बाद प्रभारी जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल, सीओ राजन सिंह रौतेला, एसडीएम आरसी गौतम, तहसीलदार गोविंद प्रसाद, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी हासिल की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए राजस्व पुलिस की तीन टीमें सक्रिय की गईं। घटना के तीन घंटे बाद करीब एक बजे आरोपी दिनेश सिंह को उसके घर मानर से गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी 12 बोर की बंदूक भी खेत से बरामद कर ली गई है।
आरोपी गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज
चंपावत। चपरासी राजेंद्र वर्मा के भाई देवी लाल वर्मा और कैशियर ललित सिंह के भाई देवेंद्र सिंह की तहरीर पर आरोपी गार्ड दिनेश सिंह के खिलाफ लोहाघाट थाने में आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना थानाध्यक्ष बीएस बृजवाल कर रहे हैं।
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सनकी होने के साथ शराब का आदी भी है गार्ड
चंपावत। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बैंक का गार्ड सनकी होने के साथ-साथ अक्सर शराब के नशे में रहता था। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बैंक कर्मियों से पहले बृहस्पतिवार को विवाद होने की बात कही है लेकिन वह विवाद क्या है यह बता नहीं पाया। आरोपी को उजड्ड प्रवृत्ति का बताया जा रहा है। पुलिस ने बैंक की शाखा को सील करते हुए बैंक में लगे सीसीटीवी की फुटेज को कब्जे में ले लिया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बैंक के भीतर क्या कुछ हुआ।
प्रबंधक, सचिव को भी मारना चाहता था आरोपी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गार्ड ने बैंक के दो कर्मियों की हत्या करने के बाद गुस्से में प्रबंधक और सहकारी समिति के सचिव को निशाना बनाने की बात कही लेकिन उस वक्त बैंक में न शाखा प्रबंधक थे और नहीं समिति के सचिव। वह यह कहते हुए भी सुनाई दिया कि आज तो पांच लोगों को गोली मारनी है। प्रबंधक नरेश लाल बैठक में भाग लेने बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़ गए थे लेकिन मौसम खराब होने के कारण वह लौट नहीं सके थे। वह मौजूद होते तो उनका जीवन भी खतरे में पड़ सकता था।
...और दो माह बाद सच में मार दी गोली!
चंपावत। पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक की खेतीखान शाखा के परिचारक (चपरासी) राजेंद्र लाल वर्मा को दो माह पहले बैंक के सनकीगार्ड दिनेश बोहरा ने गोली मारने की धमकी दी थी। उसकी इस बात को राजेंद्र ने गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने इसकी जानकारी अपनी पत्नी गीता वर्मा को जरूर दी। रोते-रोते गीता और भतीजे गौरव वर्मा इस बात को कह रहे थे कि काश! इस धमकी की गंभीरता को समझा होता तो शायद ये दिन न देखना पड़ता। पति की जान बच गई होती।
खेतीखान स्थित सहकारी बैंक शुक्रवार को सुबह 9:45 बजे खुला। पुलिस के अनुसार करीब 10 बजकर एक मिनट पर बैंक के सुरक्षा गार्ड मानर निवासी दिनेश सिंह बोहरा ने बैंक में कैशियर ललित सिंह बिष्ट को गोली मार दी। इसके दस मिनट बाद दिनेश ने बैंक से सौ मीटर दूर दुकान में बैठे बैंक के चपरासी राजेंद्र वर्मा के सिर पर गोली मारी। दोहरे हत्याकांड के कुछ ही देर बाद पूरा बाजार बंद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों की सूचना पर लोहाघाट थाना प्रभारी बीएस बृजवाल साढे़ दस बजे घटनास्थल पर पहुंचे। कुछ समय बाद प्रभारी जिलाधिकारी हेमंत कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल, सीओ राजन सिंह रौतेला, एसडीएम आरसी गौतम, तहसीलदार गोविंद प्रसाद, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय, विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, जिला पंचायत सदस्य गोविंद सामंत भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से जानकारी हासिल की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए राजस्व पुलिस की तीन टीमें सक्रिय की गईं। घटना के तीन घंटे बाद करीब एक बजे आरोपी दिनेश सिंह को उसके घर मानर से गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी 12 बोर की बंदूक भी खेत से बरामद कर ली गई है।
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आरोपी गार्ड के खिलाफ मुकदमा दर्ज
चंपावत। चपरासी राजेंद्र वर्मा के भाई देवी लाल वर्मा और कैशियर ललित सिंह के भाई देवेंद्र सिंह की तहरीर पर आरोपी गार्ड दिनेश सिंह के खिलाफ लोहाघाट थाने में आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना थानाध्यक्ष बीएस बृजवाल कर रहे हैं।
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सनकी होने के साथ शराब का आदी भी है गार्ड
चंपावत। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बैंक का गार्ड सनकी होने के साथ-साथ अक्सर शराब के नशे में रहता था। पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बैंक कर्मियों से पहले बृहस्पतिवार को विवाद होने की बात कही है लेकिन वह विवाद क्या है यह बता नहीं पाया। आरोपी को उजड्ड प्रवृत्ति का बताया जा रहा है। पुलिस ने बैंक की शाखा को सील करते हुए बैंक में लगे सीसीटीवी की फुटेज को कब्जे में ले लिया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि बैंक के भीतर क्या कुछ हुआ।
प्रबंधक, सचिव को भी मारना चाहता था आरोपी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गार्ड ने बैंक के दो कर्मियों की हत्या करने के बाद गुस्से में प्रबंधक और सहकारी समिति के सचिव को निशाना बनाने की बात कही लेकिन उस वक्त बैंक में न शाखा प्रबंधक थे और नहीं समिति के सचिव। वह यह कहते हुए भी सुनाई दिया कि आज तो पांच लोगों को गोली मारनी है। प्रबंधक नरेश लाल बैठक में भाग लेने बृहस्पतिवार को पिथौरागढ़ गए थे लेकिन मौसम खराब होने के कारण वह लौट नहीं सके थे। वह मौजूद होते तो उनका जीवन भी खतरे में पड़ सकता था।
...और दो माह बाद सच में मार दी गोली!
चंपावत। पिथौरागढ़ जिला सहकारी बैंक की खेतीखान शाखा के परिचारक (चपरासी) राजेंद्र लाल वर्मा को दो माह पहले बैंक के सनकीगार्ड दिनेश बोहरा ने गोली मारने की धमकी दी थी। उसकी इस बात को राजेंद्र ने गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने इसकी जानकारी अपनी पत्नी गीता वर्मा को जरूर दी। रोते-रोते गीता और भतीजे गौरव वर्मा इस बात को कह रहे थे कि काश! इस धमकी की गंभीरता को समझा होता तो शायद ये दिन न देखना पड़ता। पति की जान बच गई होती।