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Champawat News: भारत-पाक के बीच बढ़ते तनाव के चलते सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद

Fri, 09 May 2025 10:49 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत Updated Fri, 09 May 2025 10:49 PM IST
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Security agencies are on alert due to rising tensions between India and Pakistan
भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पंचेश्वर में बढ़ाई गई चौकसी
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संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट (चंपावत)। भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में सुरक्षा एजेंसियों ने चौकसी बढ़ा दी है। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जहां एसएसबी, पुलिस बल और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं, वहीं आईटीबीपी के जवान भी अलर्ट मोड पर हैं।
पाकिस्तान के साथ चल रहे तनाव के बाद से सुरक्षा कर्मियों ने मोर्चा संभाल लिया है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पंचेश्वर क्षेत्र में पुलिस और एसएसबी ने गश्त काफी बढ़ा दी है। इस दौरान सीमा क्षेत्र में लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है। सीमा क्षेत्र से आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखने के साथ ही सघन तलाशी ली जा रही है। ग्रामीणों से क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध व्यक्ति के दिखने पर इसकी सूचना तत्काल पुलिस और एसएसबी को देने की भी अपील की जा रही है।
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पाकिस्तान को सबक सिखाने का अच्छा मौका है

वर्ष 1962 में चीन और 1965, और 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में शामिल लोहाघाट के प्रेमनगर निवासी सेवानिवृत्त कैप्टन प्रहलाद सिंह देव ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर को सरकार का सही फैसला बताया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के फैसले से हमारे सैनिकों और देशवासियों का मनोबल बढ़ा है। भारत के पास अब पीओके वापस लेने का अच्छा मौका है। पाकिस्तानी बार-बार आतंकवादी संगठनों की मदद से भारत में अघोषित युद्ध छेड़ रहा है, यह अब बंद हो जाना चाहिए।
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इस बार भी पाक मुंह की खाएगा
बाराकोट बलॉक के काकड़ निवासी सिग्नल कोर से सेवानिवृत्त हवलदार बहादुर सिंह अधिकारी ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत की ओर से की जा रही जवाबी कार्रवाई को सही कदम बताया है। वर्ष 1962 में चीन और 1965 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध में शामिल रहे अधिकारी का कहना है कि पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज आने वाला नहीं है, उसे उसकी भाषा में भारत सरकार की ओर से जो जवाब दिया जा रहा है, जो सराहनीय है। भारत के पास अभी अच्छा मौका है कि पाकिस्तान का नक्शा दुनिया के मानचित्र से मिटा देना चाहिए, तब जाकर आतंकवाद का खात्मा हो सकेगा। यदि जरूरत पड़ी तो वह भी जंग के मैदान में उतरने को तैयार हैं।
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