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Champawat News: मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी नहीं आए विज्ञान के अध्यापक
Thu, 03 Oct 2024 11:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्पावत
Updated Thu, 03 Oct 2024 11:55 PM IST
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जीआईसी मंच।
मंच(चंपावत)। सीएम की घोषणा के बाद भी जीआईसी मंच में विज्ञान विषय का संचालन नहीं हो सका है। विज्ञान विषय में रुचि रखने वाले बच्चों को मजबूर होकर बीए की पढ़ाई करनी पड़ रही है। तीन बच्चों ने विज्ञान की पढ़ाई के लिए जिला मुख्यालय के विद्यालय में प्रवेश लिया है।
एक साल पहले पहले रक्षाबंधन पर्व पर मुख्यमंत्री ने विज्ञान वर्ग की पढ़ाई और एनसीसी की घोषणा की थी। एक साल बीत जाने के बाद भी न ही विज्ञान वर्ग में इंटर कॉलेज मंच को अध्यापक मिला और न ही एनसीसी की कक्षाएं शुरू हो सकीं। वर्तमान में इंटर कॉलेज मंच में कक्षा 12 में 35 बच्चे अध्ययनरत हैं। तीन बच्चों ने पहले ही विज्ञान की पढ़ाई के लिए चंपावत के विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यालय में करीब 170 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अगर विद्यालय में विज्ञान विषय संचालन पहले ही शुरू हो जाता तो इच्छुक बच्चों के लिए विज्ञान में प्रवेश लेना आसान होता। विज्ञान के अध्यापक इंटर कॉलेज में विज्ञान वर्ग की पढ़ाई कराएंगे तो कॉलेज में छात्र-छात्राओं की संख्या और बढ़ जाएगी। बच्चो के लिए विज्ञान की कक्षाएं शुरू हो जाती है तो दूर दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को भी इसका लाभ मिल पाएगा। जिला पंचायत प्रतिनिधि और वरिष्ठ भाजपा नेता दलीप सिंह महर ने कहा कि एनसीसी और विज्ञान संचालन के लिए मुख्यमंत्री से फिर से बात की जाएगी।
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कोट
राजकीय इंटर कॉलेज मंच में विज्ञान पढ़ने वाले विद्यार्थी नहीं है। अगले साल अगर बच्चे प्रवेश लेने के लिए तैयार होंगे तो विज्ञान विषय की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। एनसीसी अभी वेटिंग में है।- मेहरबान बिष्ट, सीईओ, चंपावत।
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एक साल पहले पहले रक्षाबंधन पर्व पर मुख्यमंत्री ने विज्ञान वर्ग की पढ़ाई और एनसीसी की घोषणा की थी। एक साल बीत जाने के बाद भी न ही विज्ञान वर्ग में इंटर कॉलेज मंच को अध्यापक मिला और न ही एनसीसी की कक्षाएं शुरू हो सकीं। वर्तमान में इंटर कॉलेज मंच में कक्षा 12 में 35 बच्चे अध्ययनरत हैं। तीन बच्चों ने पहले ही विज्ञान की पढ़ाई के लिए चंपावत के विद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। विद्यालय में करीब 170 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं।
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क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अगर विद्यालय में विज्ञान विषय संचालन पहले ही शुरू हो जाता तो इच्छुक बच्चों के लिए विज्ञान में प्रवेश लेना आसान होता। विज्ञान के अध्यापक इंटर कॉलेज में विज्ञान वर्ग की पढ़ाई कराएंगे तो कॉलेज में छात्र-छात्राओं की संख्या और बढ़ जाएगी। बच्चो के लिए विज्ञान की कक्षाएं शुरू हो जाती है तो दूर दराज से आने वाले छात्र-छात्राओं को भी इसका लाभ मिल पाएगा। जिला पंचायत प्रतिनिधि और वरिष्ठ भाजपा नेता दलीप सिंह महर ने कहा कि एनसीसी और विज्ञान संचालन के लिए मुख्यमंत्री से फिर से बात की जाएगी।
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कोट
राजकीय इंटर कॉलेज मंच में विज्ञान पढ़ने वाले विद्यार्थी नहीं है। अगले साल अगर बच्चे प्रवेश लेने के लिए तैयार होंगे तो विज्ञान विषय की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी। एनसीसी अभी वेटिंग में है।- मेहरबान बिष्ट, सीईओ, चंपावत।