फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Champawat News ›   School building

अभियान:जर्जर स्कूल खतरे में नौनिहाल

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Sun, 11 Aug 2019 10:39 PM IST
विज्ञापन
School building
लोहाघाट जीआईसी के क्षतिग्रस्त कमरों में पढ़ते छात्र। - फोटो : CHAMPAWAT
जिले के सबसे पुराने राजकीय इंटर कॉलेज लोहाघाट के भवन जीर्णशीर्ण हाल में हैं। यहां पढ़ने वाले विद्यार्थी और पढ़ाने वाले शिक्षकों के साथ अभिभावक भी जर्जर कक्षों को देख सहमे हैं। कक्षाएं संचालित करने के लिए अन्य जगह नहीं होने से इन्हीं जीर्णशीर्ण कमरों से छात्र भविष्य गढ़ने को मजबूर है।
विज्ञापन

1959 में बने इस विद्यालय में 15 कमरे हैं, छठीं कक्षा से लेकर इंटर तक में कुल 337 छात्र हैं। विद्यालय के पास बने दूसरे भवनों में विज्ञान वर्ग की दो कक्षाएं संचालित होती हैं। पुराने जर्जर भवनों के अधिकतर कमरों की खिड़की, दरवाजे, जाली टूटी हुई हैं। भवनों की दीवारों में दरारें आने के साथ प्लास्टर और फर्श टूटा हुआ है। दीमक से खिड़की, दरवाजे, चौखट और छत का काफी हिस्सा जर्जर हो चुके हैं।
विज्ञापन

फर्श भी जगह-जगह से टूटा हुआ है। विधायक पूरन सिंह फर्त्याल की निधि से मिले 1.20 लाख रुपये से टपकती छतों की मरम्मत की गई।
कॉलेज प्रशासन का कहना है कि भवन को खतरनाक घोषित करने के बावजूद भी छात्र-छात्राओं को अन्यत्र पढ़ाने के लिए दूसरे भवन का कोई विकल्प नहीं है। अभिभावकों ने छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर विद्यालय के जर्जर भवन की शीघ्र मरम्मत की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विद्यालय भवन के जर्जर हाल को देखते हुए 2017 में मरम्मत के लिए करीब 40 लाख रुपये का आगणन भेजा है, लेकिन यह रकम नहीं मिल सकी है। विद्यालय में दरवाजे, खिड़की, शीशे टूटने के साथ भवन की छत में पड़े टिन-सडगल चुके हैं। थोड़ी सी बरसात में छतें टपकने लगती हैं। मगर विकल्प नहीं होने से अभी इन कमरों का उपयोग करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
हरिनंदन जोशी, प्रधानाचार्य, जीआईसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed