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श्रम कल्याण योजनाओं की कमी नहीं, जरूरत क्रियान्वयन की

Thu, 07 Mar 2019 10:42 PM IST
बृजमोहन बृजमोहन चंद्रशेखर जोशी  चंपावत।
चंद्रशेखर जोशी  चंपावत। Published by: बृजमोहन बृजमोहन Updated Thu, 07 Mar 2019 10:42 PM IST
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Schemes are there, implementation is not being done
चंपावत में निर्माण में लगे श्रमिक। - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान धन योजना का मंगलवार को आगाज हुआ। मजदूर की ओर से अंशदान देने के बाद इस योजना से मिलने वाली पेंशन का लाभ कम से कम 20 साल बाद मिलेगा लेकिन मजदूरों के लिए पहले से चल रही श्रम कल्याण की योजनाओं के हाल भी ठीक नहीं है। इस जिले मेें श्रम विभाग में पंजीकृत 5256 मजदूरों में से दो हजार मजदूर विभागीय सुविधाओं से वंचित हैं। 
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2005 और इसके बाद 10 लाख रुपये राशि के भवन निर्माण कराने वाले से श्रम शुल्क के रूप में एक प्रतिशत की रकम वसूली जाती है। इस राशि से श्रम विभाग श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा की योजनाओं को संचालित करता है। इसके लिए मजदूर का श्रम विभाग में पंजीकरण होने की शर्त है।
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पंजीकरण के तीन माह बाद मजदूर को ये लाभ मिलते हैं लेकिन इस योजना का भी लाभ श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों को नहीं मिल पा रहा है। उन्हें उनके व्यवसाय से संबंधित टूल किट भी चार वर्ष से नहीं बंट सके हैं। इसके अलावा कई ऐसे मजदूर हैं जिन्हें इस श्रम योजना की जानकारी तक नहीं है। 
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श्रम पंजीकरण पर मजदूर और उनके परिवारों को मिलने वाली सुविधाएं 
1.हादसे में मजदूर की मौत होने पर परिजनों को तीन लाख रुपये और सामान्य मौत पर 50 हजार रुपये। 
2.60 साल की उम्र होने पर एक हजार रुपये मासिक पेंशन। 
3.मजदूर की मौत पर परिवार को 500 रुपये पेंशन। 
4.दो बेटियों की शादी के लिए 51-51 हजार रुपये। 
5.बच्चों की पढ़ाई के लिए वजीफा। 
6.मजदूरों को उनके व्यवसाय से संबंधित टूल किट। 
7.मैदान में साइकिल और पहाड़ में सिलाई मशीन। 
8.श्रम विभाग में पंजीकृत अस्पताल में निशुल्क इलाज की व्यवस्था। 

टूल किट मांग के सापेक्ष कम मिलते हैं। जब सामग्री होंगी तो दे दी जाएंगीं। 2015 के बाद टूल किट नहीं आए हैं। 
मीनाक्षी भट्ट, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, टनकपुर 

चार साल पूर्व पंजीकरण कराया, नहीं मिला कोई लाभ 
पाटी के जनकांडे गांव के मजदूर ज्ञान सिंह मेहरा ने 2015 में श्रम विभाग में पंजीकरण कराया। विभाग ने उन्हें पंजीकरण संख्या 557 आवंटित की लेकिन चार साल बाद भी उन्हें श्रम विभाग की किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला है। यहां तक कि बच्चों को वजीफा भी नहीं मिला है। 
 
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