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समाज के सहयोग से संदीप को मिली नई जिंदगी

Sun, 10 Sep 2017 10:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत।
अमर उजाला ब्यूरो, चंपावत। Updated Sun, 10 Sep 2017 10:14 PM IST
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Sandeep gets new life in collaboration with society
बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराता किडनी रोग से पीड़ित संदीप सिंह। - फोटो : अमर उजाला
 संयुक्त परिवार की प्रथा अब कमोबेश समाप्ति की ओर है, वहीं समाज के रूप में जीने की आदत भी नदारद हो रही है। कई बार तो बुरे वक्त में अपने भी साथ छोड़ देते हैं। लेकिन यहां लधिया घाटी संगठन सहित कुछ लोग बीमारी से जूझ रहे किशोर के परिवार के साथ पूरी सिद्दत के साथ खड़े हैं। न केवल खड़े हैं, बल्कि इलाज का पूरा खर्च उठा रहे हैं। उन्होंने किडनी में संक्रमण से पीड़ित किशोर के उपचार के लिए 2.58 लाख रुपये भी जुटाए हैं। 
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मछियाड़ गांव निवासी राजेंद्र सिंह के बेटे संदीप सिंह (13) को चंपावत में इलाज के दौरान 28 अगस्त को किडनी रोग का पता चला। धन नहीं होने से यह परिवार वापस गांव चला गया। जबकि राजेंद्र सिंह के दो बेटों की बीते तीन साल के भीतर बीमारी से मौत हो चुकी है। और एक बहिन के अलावा संदीप घर का अकेला चिराग हैं। जिंदल कंपनी में गुजरात में नौकरी कर रहे इस क्षेत्र के नवीन भंडारी को बीमारी की जानकारी मिली, तो उन्होंने इलाज कराने के लिए अपने स्तर से आर्थिक मदद करने के साथ ही इलाज में आने वाले खर्च का पता लगाया। करीब ढाई लाख रुपये इलाज को चाहिए था। भंडारी ने इसके लिए सोशल मीडिया के जरिये लोगों से सहयोग की अपील की। करीब दस दिनों में बीमार संदीप के पिता राजेंद्र सिंह के बैंक खाते में 216 लोगों ने 258771 रुपये जमा हो गए। पर्याप्त रकम जमा होने से अब लोगों से मदद न देने का आग्रह किया गया है।  
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अब संदीप का इलाज 30 अगस्त से बरेली के एक प्राइवेट अस्पताल में चल रहा है। इलाज कर रहे डॉ.निधि कुमार का कहना है कि हालात में सुधार है। अलबत्ता पूरी तरह ठीक होने में छह माह से एक वर्ष तक लग सकते हैं। चौतरफा मिले सहयोग से संदीप की बीमारी ही दूर नहीं हो रही है, बल्कि उनके पिता का भी सामाजिक रिश्तों में भरोसा जगा है। 
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मदद से शुरू हुआ एमएससी के छात्र हेम का इलाज 
चंपावत। चंपावत विकासखंड के वैला गांव के हेम चंद्र जोशी खटीमा से एमएससी कर रहा था। पिछले महीने उनकी एकाएक तबियत बिगड़ी, तो जांच में दिमागी परेशानी का पता चला। मगर इस गरीब परिवार के लिए इलाज में धन की कमी आड़े आ रही थी। यहां लोगों ने आपसी एकजुटता से इलाज के लिए लगने वाली राशि एकत्र कर उपचार करवाया। 

वैला गांव के कृष्णानंद जोशी की आर्थिक स्थिति  ठीक नहीं है। नवीन भंडारी और 200 अन्य लोगों ने सोशल मीडिया के जरिये इलाज के लिए जरूरी 1.19 लाख रुपये उनके बैंक खाते में एकत्र करवाया। खटीमा के एक प्राइवेट अस्पताल में 27 अगस्त को इलाज कराने के बाद हेम को हल्द्वानी रेफर किया गया। जहां एक प्राइवेट अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। इसके बाद से हेम की हालत में सुधार है। भावुक हो कृष्णानंद मददगारों का शुक्रगुजार करते नहीं थकते। कहते हैं कि बगैर मदद के इलाज कराना उनके लिए कतई संभव नहीं था। इलाज में मदद करने वालों में मुकेश महराना, रमेश भट्ट, देवकीनंदन भट्ट, दीपक पोखरियाल, नवीन भट्ट, कमल किशोर भट्ट, राजू कोटियाल, उमेश जोशी, उमेश भट्ट, पुष्कर जोशी, दीपक भट्ट, सुरेश जोशी, चंद्रशेखर, बिशन महराना, प्रकाश जोशी, दीपक शर्मा, भुवन कुलियाल आदि का बड़ा योगदान रहा। 
 
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